सावन की अंतिम सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़, बोलबम और हर हर महोदव के जयकारे के साथ किया जलाभिषेक
दुःखहरणनाथ, हरिहर धाम व झारखंडी धाम में दिन भर रहा भक्तों का तांता

गिरिडीह। पवित्र सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी के मौके पर जिले के प्रमुख शिवालयों में जहां आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। वहीं शहर से लेकर गांव तक स्थित विभिन्न शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। इस क्रम में उसरी नदी तट स्थित बाबा दुःखहरणनाथ धाम, बगोदर प्रखंड के प्रसिद्ध हरिहर धाम और बिरनी प्रखंड के झारखंड धाम में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। भक्त ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष लगाते हुए पूरी श्रद्धा के साथ बाबा भोलेनाथ का अभिषेक किया। मंदिर की घंटियों की गूंज, भक्ति गीतों और शिवभक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।



इस दौरान उत्तरवाहिनी उसरी नदी के तट पर स्थित बाबा दुःखहरणनाथ धाम में सुबह करीब पांच बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगाजल और उत्तरवाहिनी उसरी नदी का पवित्र जल लेकर बाबा के दरबार में पहुंचकर विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में कांवरिया भी कांवर लेकर धाम पहुंचे और बाबा को जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

वहीं जिले के प्रख्यात हरिहर धाम और झारखंड धाम में भी अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर में दिखाई दे रही थी। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध नजर आए। कई श्रद्धालु पैदल तो कई वाहन और कांवर लेकर मंदिर पहुंचे हुए थे।

इधर शिविालयों में भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और पुजारियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। जलाभिषेक और दर्शन को सुचारू बनाए रखने के लिए भक्तों को कतारवद् तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा था। वहीं भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद थी।

