गिरिडीह में छात्र आंदोलन पर सियासी संग्राम तेज
हेमंत सरकार के समर्थन में उतरे झामुमो के आदिवासी नेता, भाजपा पर साजिश का आरोप; एबीवीपी नेता मंटू मुर्मू के भाई प्रेमचंद ने कहा- बहकावे में आ गया भाई

गिरिडीह : जेपीएससी-सीजीएल गड़बड़ी प्रकरण को लेकर भाजपा और छात्रों के आंदोलन के बीच अब गिरिडीह में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को हेमंत सरकार के समर्थन में झामुमो के आदिवासी नेताओं ने प्रेसवार्ता कर भाजपा पर छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीति करने और सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
झामुमो नेता महालाल सोरेन, कोल्हेश्वर सोरेन, प्रधान मुर्मू और महावीर मुर्मू ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से ही भाजपा सरकार को अस्थिर करने और बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले हेमंत सोरेन को जेल भेजा गया और अब छात्रों को मोहरा बनाकर सरकार के खिलाफ माहौल तैयार किया जा रहा है।


झामुमो नेताओं ने कहा कि हेमंत सरकार कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता के बीच गई और लगातार दूसरी बार जनता का विश्वास हासिल करने में सफल रही। भाजपा को यह स्वीकार नहीं हो रहा है। नेताओं ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड सरकार को परेशान करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
हालांकि, प्रेसवार्ता के दौरान जब हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल किया गया तो झामुमो नेताओं ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
प्रेसवार्ता में मंटू के भाई भी आए सामने
प्रेसवार्ता के दौरान एबीवीपी नेता मंटू मुर्मू के भाई प्रेमचंद मुर्मू को भी मीडिया के सामने लाया गया। प्रेमचंद मुर्मू ने अपने भाई के भाजपा से जुड़ने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार ने मंटू को पढ़ाई के लिए गिरिडीह भेजा था, लेकिन वह भाजपा नेताओं के बहकावे में आ गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके भाई को परिवार से अलग कर दिया है। हालांकि, मीडिया के सवालों पर प्रेमचंद ने यह भी कहा कि उन्हें पहले सिर्फ इतनी जानकारी थी कि उनका भाई किसी छात्र संगठन से जुड़ा है। परसों हुए आंदोलन के बाद उन्हें पता चला कि मंटू मुर्मू अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ा हुआ है।
मंटू के भाई के इस बयान के बाद अब छात्र आंदोलन को लेकर गिरिडीह की राजनीति और गरमाने के आसार हैं। एक ओर भाजपा और छात्र सरकार पर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं झामुमो इसे सरकार को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश बता रहा है।

