दुर्गापूजा को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय, शांति समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए कई निर्देश
पूजा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, लाइट, पार्किंग व्यवस्था के दिए र्निदेश सोशल मीडिया पर होगी पैनी नजर, शराब के अवैध कारोबार व मिलावटी खाद्य पदार्थ के खिलाफ चलाया जायेगा अभियान

गिरिडीह। दुर्गापूजा के मद्देनजर विधि व्यवस्था को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव एवं पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में पूजा पंडालों से लेकर विसर्जन स्थलों तक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, पेयजल, सड़क और बिजली की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। पंडालों में एंट्री और एग्जिट के अलग रास्ते, वाहनों के लिए उचित पार्किंग और जर्जर बिजली तारों को समय रहते ठीक कराने पर भी जोर दिया गया। अग्नि सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। सभी पंडालों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने और आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड के लिए रास्ता खाली रखने का निर्देश दिया गया।



उपायुक्त ने उत्पाद अधीक्षक को नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने तथा शराब के अवैध कारोबार एवं सेवन पर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पर्व के दौरान शराब का सेवन कर सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव करने वालों पर कड़ी निगरानी एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही फूड सेफ्टी ऑफिसर को नियमित खाद्य जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। चाट, पुचका, छोला, पनीर, चाउमीन, मोमो एवं अन्य फास्ट फूड की गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया। विशेष रूप से कृत्रिम/मिलावटी पनीर एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की जांच करने का निर्देश दिया।

वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने सीसीटीवी कैमरे, महिला और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश-निकास, पर्याप्त वॉलंटियर्स और पुलिस मित्रों की तैनाती पर जोर दिया। संवेदनशील पंडालों पर विशेष निगरानी और जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। अफवाह, भड़काऊ पोस्ट या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वाले के खिलाफ पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने भी बैठक को संबोधित करते हुए पर्व के दौरान प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक समन्वय, साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं एवं स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

