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तेजस पहल के तहत समाहरणालय में हुआ कार्यशाला का आयोजन

उद्यमियों एवं स्टार्टअप्स को दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्र उद्यमियों को मिले केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ: डीसी

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गिरिडीह। उद्यमिता, स्टार्टअप व एमएसएमई के क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, नीतियों एवं सहायता तंत्र की जानकारी उद्यमियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला उद्योग केंद्र के द्वारा ज्म्श्र।ै पहल के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सहायक समाहर्ता यश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि जिले में उद्यमिता एवं एमएसएमई के क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है कि उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाओं की सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध हो। कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा जिले की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र उद्यमियों तक प्रभावी तरीके से पहुंचे। उन्होंने संबंधित विभागों एवं संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए उद्यमियों की समस्याओं के समाधान एवं उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

वहीं डीडीसी स्मृता कुमारी ने कहा कि ग्रामीण एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एमएसएमई और छोटे उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवाओं एवं उद्यमियों को केवल योजना की जानकारी ही नहीं, बल्कि योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं बाजार से जुड़ाव की भी जानकारी मिलना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से उद्यमियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।

कार्यशाला के दौरान उद्यमियों एवं प्रतिभागियों को डीआईसी, र्स्टाटअप इंडिया व जिडको के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने स्टार्टअप नीति, एमएसएमई योजनाओं, पंजीकरण, वित्तीय सहायता एवं अन्य सरकारी सुविधाओं से संबंधित कई प्रश्न रखे, जिनका संबंधित प्रतिनिधियों द्वारा समाधान एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

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