Nav Bihan
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आपसी रंजिश में हुई ऋतिक यादव की हत्या, दो गिरफ्तार

बंदरकुप्पी में मेगी प्वाइंट पर भिड़े थे दो गुट, पीट-पीटकर हत्या का आरोप; घटना में प्रयुक्त कार, लाठी और अन्य सामान जब्त

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गिरिडीह। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बंदरकुप्पी में 24 सितंबर की देर रात हुई युवक ऋतिक यादव उर्फ बड्डी की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, ऋतिक यादव की हत्या किसी आकस्मिक विवाद में नहीं, बल्कि आपसी रंजिश के कारण हुई। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी सतीश यादव, पिता अरुण यादव और अनुज कुमार यादव, पिता सुखदेव यादव शामिल हैं। पुलिस ने सतीश यादव को मामले का मुख्य आरोपी बताया है।

इस संबंध में गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि 24 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे बंदरकुप्पी में दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना मिली थी। इसी घटना में युवक ऋतिक यादव उर्फ बड्डी की हत्या कर दी गई थी।

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रंजिश के कारण दो गुटों में बंटे थे युवक

एसपी डॉ. बिमल कुमार के अनुसार, ऋतिक यादव और सतीश यादव के बीच पहले से आपसी रंजिश थी। इसी रंजिश के कारण दोनों अलग-अलग गुटों में बंटे हुए थे। घटना वाली रात बंदरकुप्पी स्थित मेगी प्वाइंट के पास दोनों गुटों के बीच भिड़ंत हो गई। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया।

पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान ऋतिक यादव के साथ मारपीट की गई और उसे पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की।

एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई एसआईटी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम को घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दिया गया।

एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद मुख्य आरोपी सतीश यादव और उसके सहयोगी अनुज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया।

 

आरोपी की निशानदेही पर कार जब्त

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की रिनॉल्ड कंपनी की एक कार बरामद की। पुलिस के अनुसार, कार पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं था और उसे जब्त कर लिया गया है।

इसके अलावा घटनास्थल से भी कई सामान बरामद किए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया है।

 

लाठी, खून के नमूने और चप्पल बरामद

पुलिस द्वारा जब्त सामानों में घटना में प्रयुक्त एक सफेद रंग की बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली कार के अलावा रूई के टुकड़ों पर घटनास्थल से उठाया गया रक्त का नमूना शामिल है। इसके साथ ही घटनास्थल से बांस की तीन लाठियां, पेड़ की एक डाली और तीन जोड़ी चप्पल भी बरामद की गई हैं।

पुलिस इन सामानों को मामले की जांच और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में उपयोगी साक्ष्य मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

 

25 सितंबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी

घटना के संबंध में राजेंद्रनगर निवासी मुसाफिर सिंह, पिता रामलायक सिंह, के आवेदन के आधार पर मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 270/26, दिनांक 25 सितंबर 2026 दर्ज किया गया। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 126(2), 115(2), 118(2), 61(2) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में अग्रसारित किया जा रहा है। वहीं, घटना में शामिल अन्य प्राथमिकी एवं अप्राथमिकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

 

कई थानों की पुलिस टीम जांच में जुटी

एसआईटी में सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव, डुमरी एसडीपीओ आबिद खान, मुफ्फसिल थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार, नगर थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, पीरटांड़ थाना प्रभारी जीतेन्द्र सिंह और पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार शामिल हैं।

इसके अलावा मुफ्फसिल थाना के पुलिस अवर निरीक्षक विवेक कुमार माथुरी एवं शैलेन्द्र कुमार, पुलिस केंद्र के पुलिस अवर निरीक्षक मणिकान्त कुमार, अनुसंधान विंग के पुलिस अवर निरीक्षक संजय यादव तथा मुफ्फसिल थाना के सहायक अवर निरीक्षक राहुल रंजन सिंह और शिव शंकर पासवान भी जांच टीम में शामिल रहे। तकनीकी शाखा गिरिडीह के कर्मियों के साथ संबंधित थाना के सशस्त्र बल और चौकीदारों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

ITI
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