औद्योगिक कमर्शियल उपभोक्ताओं की परेशानी से अवगत होने के उद्देश्य से डीवीसी ने किया जागरूकता शिविर का आयोजन
उद्योगपतियों ने रखी अपनी समस्याएं, कहा विद्युत सप्लाई में नही हुआ सुधार तो गिरिडीह में इंस्ट्रिज चलाना होगा मुश्किल कोलकाता के सिस्टम निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन

गिरिडीह। औद्योगिक कमर्शियल उपभोक्ताओं की परेशानी से अवगत होने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की बिजली आपूर्ति कंपनी दामोदर वैली कॉर्पाेरेशन डीवीसी ने गुरुवार को गिरिडीह में उपभोक्ता एडवोकेसी कानून जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर में डीवीसी कोलकाता सिस्टम के कार्यकारी निदेशक दिनेश कुमार सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए। वहीं शिविर में सलूजा गोल्ड ग्रुप के चेयरमेन डॉक्टर अमरजीत सिंह सलूजा, शिवम स्टील ग्रुप के निदेशक प्रमोद अग्रवाल के अलावे इंडस्ट्रिज से जुड़े राजेश मोदी, सौरभ बरनवाल, शैलपुत्री स्टील के राकेश बरनवाल, पिंटू जालान, मो0 अफरोज समेत कई इंडस्ट्रिज प्रबंधन शामिल हुए और अपनी समस्याओं को सिस्टम के कार्यकारी निदेशक के समक्ष रखा।



इस दौरान सिस्टम के निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि जल्द ही गुणतापूर्व बिजली आपूर्ति गिरिडीह के एक एक औद्योगिक इकाईयों को किया जाएगा। कहा कि डीवीसी सिर्फ अपने उपभोक्ताओं के समस्या को जानने के लिए इस शिविर को गिरिडीह में आयोजित की है। क्योंकि उद्योग का विस्तार होगा, तभी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगीं। कहा कि उद्योग को बिजली दर में कमी और इजाफा का मुद्दा डीवीसी विद्युत नियामक आयोग के हाथ में है। सिस्टम के हाथ में नहीं है, लेकिन जितने उद्योगपतियों ने उन्हें जिन समस्याओं से अवगत कराया है, उसे दूर करने की दिशा में कार्य किया जायेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड बिजली बोर्ड से बेहतर तालमेल है और इसी तालमेल के कारण बिजली बोर्ड को बिजली आपूर्ति भी किया जा रहा है।

शिविर के दौरान सलूजा गोल्ड ग्रुप के चेयरमेन डॉक्टर अमरजीत सिंह सलूजा ने कहा कि डीवीसी से गिरिडीह के पूरे औद्योगिक इकाई को उम्मीद है, कि उन्हें जो भरोसा दिलाया गया है, उसे पूरा किया जायेगा। कहा कि अगर पावर सप्लाई के हालात नहीं सुधारे गए, तो गिरिडीह में इंडस्ट्री चलाना मुश्किल हो सकता है। वहीं शिवम स्टील ग्रुप के निदेशक प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि कोयला और पानी झारखंड का है, और झारखंड को ही बिजली से वंचित करना उचित नहीं है। दशकों से डीवीसी के जरिए ही गिरिडीह में उद्योग का विस्तार हुआ है। जिसे बेहतर करना जरूरी है।

