ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस-माले का हल्लाबोल, गिरफ्तारी की मांग

गिरिडीह। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में इंडिया गठबंधन के बैनर तले कांग्रेस और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने गिरिडीह में प्रतिवाद मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिवाद मार्च की शुरुआत झंडा मैदान से हुई। बड़ी संख्या में कांग्रेस और माले कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर के साथ मार्च में शामिल हुए। मार्च नटराज चौक स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष पहुंचा, जहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मार्च टावर चौक, कालीबाड़ी चौक होते हुए बड़ा चौक पहुंचा और अंत में गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां सभा का आयोजन किया गया।


सभा को संबोधित करते हुए माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर जारी प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी आपत्तियां सामने आई हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू करने और गिरफ्तारी की मांग की।
मार्च में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र सिंह, धनंजय सिंह, मुखिया मो. समीम, राजेश सिन्हा, मनोज यादव, डॉ. समीर राज चौधरी, अशोक विश्वकर्मा, जयंती कुमारी समेत कांग्रेस और माले के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए।

