Nav Bihan
हर खबर पर पैनी नजर

जन-जागरूकता अभियान के तहत नगर भवन में हुआ जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन, नशामुक्त गिरिडीह बनाने का लिया गया संकल्प

नशा मुक्त समाज के निर्माण में मीडिया और समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका: उपायुक्त

0 39

गिरिडीह। निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध संचालित जन-जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को नगर भवन में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम की शुरूआत उपायुक्त रामनिवास यादव एवं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर नशामुक्ति अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार एवं टाउन थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही जागरूकता अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो स्वयं सहायता समूहों सरस्वती आजीविका महिला समूह और खुशबू आजीविका महिला समूह को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी लोगों को नशामुक्त गिरिडीह बनाने का संकल्प दिलाया गया।

sawad sansar

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने उपस्थित अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मीडिया जन-जन तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने में इसकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उपायुक्त ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे के कारण कई परिवार टूट चुके हैं, अनेक लोगों का जीवन बर्बाद हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नशे की लत के कारण कई बार व्यक्ति अपना विवेक खो देता है, जिससे घरेलू हिंसा, अपराध तथा अन्य सामाजिक विकृतियों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने ड्रग्स, डेंड्राइट, गांजा, गुटखा, पान-मसाला, तंबाकू तथा अन्य मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने की अपील की। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार बनने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, मेडिटेशन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नशामुक्ति केंद्रों की सहायता लेने की अपील की।

 

वहीं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि नशा आज केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक चुनौती बन चुका है। विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति की प्रतिभा, ऊर्जा और भविष्य को प्रभावित करती है तथा परिवार की खुशियों को भी छीन लेती है। कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त वाहक हैं। यदि महिलाएं अपने परिवार एवं गांव स्तर पर जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाएं तो नशामुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करना आसान हो जाएगा।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनिता कुजूर ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति, परिवार और समाज के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। नशे की लत विशेष रूप से युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है तथा उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा नशामुक्ति एवं जन-जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का नियमित संचालन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

ITI
Leave A Reply

Your email address will not be published.