गिरिडीह में आसमानी कहर: वज्रपात ने लील ली 9 जिंदगियां, तीन मासूमों के सिर से उठा मां का साया
गावां में धान रोपाई के दौरान महिला की मौत, देवरी में चार किशोर समेत पांच की गई जान; दो घायल, पूरे जिले में मातम

गिरिडीह : मंगलवार को गिरिडीह जिले में आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई। जिले के अलग अलग प्रखंडों में हुई वज्रपात की घटनाओं में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में दो महिलायें, चार किशोर और तीन पुरुष शामिल हैं। इन घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
धान रोपाई के दौरान पेड़ के नीचे बैठी महिला पर गिरी बिजली


पहली घटना गावां थाना क्षेत्र के *पटना चौक* स्थित भेलवा मुख्य पथ के किनारे हुई। यहां 35 वर्षीय पूनम देवी, पति प्रवीण सिंह, सुबह से खेत में धान रोपाई का कार्य कर रही थीं। दोपहर में अन्य महिलाओं के साथ बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन कर रही थीं, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और उसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब महिला के तीन छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां के शव के पास बैठकर बिलखते रहे। ग्रामीणों की आंखें भी यह दृश्य देखकर नम हो गईं। बताया गया कि मृतका का पति दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सूचना मिलने पर पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
देवरी में चार किशोर समेत पांच की मौत, दो घायल
इधर देवरी थाना क्षेत्र में भी वज्रपात की दो अलग-अलग घटनाओं में चार किशोर सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार देवपहाड़ी स्थित गोसांई आहर के पास बैठे पांच किशोर अचानक वज्रपात की चपेट में आ गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), गजेंद्र साव (15) और कुश कुमार तिवारी (18) को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उमेश यादव (17) गंभीर रूप से घायल है।
वहीं दूसरी घटना बांसडीह पंचायत के तिलयडीह टोला में हुई, जहां खेत में बिचड़ा डाल रहे 40 वर्षीय संतोष तिवारी पर बिजली गिर गई। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में विक्रम तिवारी भी घायल हो गए।
इधर बिरनी प्रखंड के बेड़गेरो गांव निवासी हनूश मियां (75 वर्ष) भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर काल के गाल में समा गए। इसके अलावा बगोदर क्षेत्र में काम करने आए लातेहार निवासी मजदूर समीर गिद तथा जमुआ प्रखंड के बागेडीह गांव निवासी आरती देवी की भी वज्रपात से मौत हो गई।
मौके पर पहुंचीं विधायक, तड़ित चालक लगाने की उठाई मांग
घटना की सूचना मिलते ही जमुआ विधायक मंजू कुमारी देवपहाड़ी और प्रभावित गांवों में पहुंचीं तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उनके साथ भाजपा के कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
विधायक मंजू कुमारी ने कहा कि लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए गांव-गांव में तड़ित चालक (Lightning Arrestor) लगाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कई विद्यालयों में तड़ित चालक लगाए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर उनकी चोरी हो चुकी है। उन्होंने इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील
लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं के बीच प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खेतों, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
एक ही दिन में 9 लोगों की मौत ने पूरे गिरिडीह जिले को शोक में डुबो दिया है। सबसे अधिक दर्दनाक दृश्य गावां में देखने को मिला, जहां तीन मासूम बच्चों के सिर से उनकी मां का साया हमेशा के लिए उठ गया, जबकि देवरी में चार किशोरों की असमय मौत ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।

