मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 को लेकर डीसी ने दी दावा-आपत्ति प्रक्रिया से संबंधित जानकारी
05 अगस्त से प्रारूप मतदाता सूची एवं एएसडीडीएफ सूची प्रकाशित, 04 सितंबर तक दर्ज कर सकते है दावा एवं आपत्ति सभी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता: रामनिवास यादव

गिरिडीह। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर-2026 कार्यक्रम के तहत बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव ने प्रेसवार्ता करते हुए प्रारूप मतदाता सूची एवं एएसडीडीएफ सूची के प्रकाशन तथा दिनांक 01 अक्टूबर 2026 की अहर्ता तिथि के आधार पर दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत गणना चरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। प्राप्त गणना प्रपत्रों का विधानसभावार डिजिटाइजेशन पूर्ण कर आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ASDDF सूची तैयार की गई है। बताया कि पांच अगस्त को जिले के सभी आयोग द्वारा अनुमोदित 2586 मतदान केन्द्रों पर प्रारूप मतदाता सूची एवं एएसडीडीएफ सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। एएसडीडीएफ सूची में शामिल मतदाताओं का नाम प्रारूप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं रहेगा।
उन्होंने विधानसभावार स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि 28-धनवार विधानसभा में कुल 3,78,609 मतदाता हैं, जिनमें 3,30,661 गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए गए हैं। 29-बगोदर विधानसभा में कुल 3,96,218 मतदाताओं में 3,54,002, 30-जमुआ विधानसभा में 3,67,611 में से 3,08,109, 31-गांडेय विधानसभा में 3,29,583 में से 2,91,179, 32-गिरिडीह विधानसभा में 3,18,243 में से 2,57,237 तथा 33-डुमरी विधानसभा में 3,22,306 मतदाताओं में से 2,95,822 गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया गया है। इसी आधार पर मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, पूर्व से पंजीकृत, अनुपस्थित एवं अन्य श्रेणी के मतदाताओं की एएसडीडीएफ सूची तैयार की गई है।


प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी रामनिवास यादव ने बताया कि आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति प्राप्त किए जाएंगे तथा 05 अगस्त से 03 अक्टूबर 2026 तक इनका विधिसम्मत निष्पादन एवं सुनवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने संबंधित मतदान केन्द्र पर जाकर प्रारूप मतदाता सूची में अपना तथा अपने परिवार के सभी सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है अथवा कोई त्रुटि है, तो वह निर्धारित प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते है। जिन युवाओं की आयु 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूर्ण हो रही है, वे भी प्रपत्र-6 एवं घोषणा-पत्र के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कहा कि आवेदन संबंधित बीएलओ के माध्यम से अथवा ECINET मोबाइल एप एवं वोटर्स पोर्टल के जरिए ऑनलाइन भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान एक परिवार के सभी पात्र मतदाताओं का नाम एक ही मतदान केन्द्र एवं अनुभाग में सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि परिवार के किसी सदस्य का नाम अलग मतदान केन्द्र या अनुभाग में दर्ज है, तो वह प्रपत्र-8 के माध्यम से संशोधन अथवा स्थानांतरण कर आवेदन कर सकते है।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि जिन मतदाताओं द्वारा गणना प्रपत्र तो जमा किया गया है, लेकिन पूर्व विशेष पुनरीक्षण से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है अथवा जिनके अभिलेखों में विसंगति पाई जाएगी, उन्हें आयोग के निर्देशानुसार नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा। बताया कि पात्र मतदाताओं के पंजीकरण को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 08 एवं 09 अगस्त 2026 को प्रथम तथा 22 एवं 23 अगस्त 2026 को द्वितीय विशेष शिविर सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित किए जाएंगे। वहीं 15 अगस्त 2026 को सभी पंचायत भवनों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जबकि 25 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक Home & to & Roll Verification अभियान चलाकर सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 07 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मतदाता विवरण का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर निर्धारित अवधि के भीतर दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

