गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव : भाजपा में बढ़ रही दावेदारों की कतार; पूर्व विहिप नेता बिभाकर पांडेय ने भी ठोकी दावेदारी

गिरिडीह। गिरिडीह में संभावित विधानसभा उपचुनाव को लेकर जारी राजनीतिक सरगर्मी के बीच भाजपा में दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ती नजर आ रही है। पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में पूर्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके भाजपा के एक नेता ने भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है।
विश्व हिंदू परिषद में एक कद्दावर नेता के रूप में अपनी छाप छोड़ चुके भाजपा नेता संभावित विधानसभा उपचुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है । इसी क्रम में वह रांची से लेकर दिल्ली तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और उच्च पदाधिकारियों से भी मुलाकात कर अपनी दावेदारी के लिए राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हैं। उनकी इन मुलाकातों को गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की संभावित तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।


इसी सिलसिले में उन्होंने रांची में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद गिरिडीह की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, मुलाकात में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी नेतृत्व का क्या रुख है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
भाजपा में बढ़ रही दावेदारों की संख्या
गिरिडीह विधानसभा में उपचुनाव की संभावना ने भाजपा के कई नेताओं और संभावित उम्मीदवारों को सक्रिय कर दिया है। पार्टी में अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए नेता संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से संपर्क साध रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दावेदारों की सूची और लंबी होने की संभावना जताई जा रही है।
पूर्व में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे भाजपा नेता की सक्रियता भी इसी राजनीतिक हलचल का हिस्सा मानी जा रही है। रांची और दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के जरिए वह अपनी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
अब पार्टी नेतृत्व के फैसले पर नजर
फिलहाल गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा की ओर से उम्मीदवार के नाम पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में संभावित दावेदारों की गतिविधियों और पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकातों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि संभावित उपचुनाव की स्थिति में भाजपा किसे अपना उम्मीदवार बनाती है और दावेदारों के बीच चल रही राजनीतिक गतिविधियां आगे क्या मोड़ लेती हैं।

