वार्ड 6 में पेयजल, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्या, पार्षद संजीव ने उठाए सवाल

गिरिडीह। नगर निगम के वार्ड संख्या 6 में व्याप्त पेयजल संकट, सफाई व्यवस्था और खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर वार्ड पार्षद संजीव कुमार ने नगर निगम प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जनता के मूलभूत सुविधाओं को लेक सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान भी वार्ड के नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।पार्षद संजीव कुमार के अनुसार, वार्ड के कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है और सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब रहने से लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।


छह महीने बाद भी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल
पार्षद ने कहा कि नगर निगम के गठन के छह महीने पूरे हो चुके हैं। बोर्ड की तीन बैठकों में कई योजनाएं पारित की गईं, लेकिन अधिकांश योजनाओं का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले महापौर, उपमहापौर और तत्कालीन मंत्री की मौजूदगी में 108 योजनाओं का शिलान्यास किया गया था। इसके बावजूद योजनाओं की प्रगति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से शिलान्यास की गई योजनाओं की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने और उनके क्रियान्वयन में देरी के कारण स्पष्ट करने की मांग की।
राजस्व वसूली में पारदर्शिता की मांग
पार्षद संजीव कुमार ने होर्डिंग शुल्क और होल्डिंग टैक्स से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ नागरिकों द्वारा अनियमित वसूली और टैक्स जमा नहीं करने पर होल्डिंग रिकॉर्ड निष्क्रिय किए जाने की शिकायतें की जा रही हैं। उन्होंने नगर निगम से इन मामलों में स्थिति स्पष्ट करते हुए नियमानुसार और पारदर्शी कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का दायित्व केवल राजस्व वसूली तक सीमित नहीं है। नागरिकों को पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पार्षद ने वार्ड संख्या 6 सहित पूरे नगर निगम क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति, बेहतर सफाई व्यवस्था और खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने की मांग की। साथ ही, विकास योजनाओं की प्रगति सार्वजनिक करने और राजस्व वसूली से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की अपील की।

