गिरिडीह नगर निगम में डिप्टी मेयर की कुर्सी पर सियासी संग्राम, झामुमो के चार और भाजपा के दो पार्षद मैदान में, बहुमत जुटाने की कवायद तेज

(रिंकेश कुमार, गिरिडीह) गिरिडीह नगर निगम चुनाव संपन्न होने के साथ ही अब डिप्टी मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। उपमहापौर की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए दावेदारों ने अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सभी प्रत्याशी पार्षदों का बहुमत जुटाने के लिए जोड़-घटाव में जुट गए हैं।
छह दावेदार, दो खेमे – मुकाबला रोचक


डिप्टी मेयर की दौड़ में फिलहाल छह नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
झामुमो खेमे से चार दावेदार
वार्ड नंबर 2 के पार्षद इस्तियाक अहमद लालो
वार्ड नंबर 14 की पार्षद नीलम झा
वार्ड नंबर 16 के पार्षद सुमित कुमार
वार्ड नंबर 27 के पार्षद बुलंद अख्तर रूमी
भाजपा खेमे से दो दावेदार
वार्ड नंबर 6 के पार्षद संजीव कुमार
वार्ड नंबर 29 के पार्षद दीपक यादव
दोनों खेमों में समर्थन जुटाने की होड़ मची है। समर्थक अपने-अपने दावेदार के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
16 मार्च को शपथ, उससे पहले सियासी गणित
जिला निर्वाची पदाधिकारी राम निवास यादव द्वारा 16 मार्च को मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण के साथ ही उपमहापौर के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। तिथि घोषित होते ही दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
रविवार को झामुमो जिला कार्यालय में सभी वार्ड पार्षदों को सम्मानित करने के बहाने एकजुटता दिखाने का प्रयास किया गया। वहीं भाजपा समर्थित पार्षद भी व्यक्तिगत संपर्क और बैठकों के जरिए समर्थन मजबूत करने में लगे हुए हैं।
पार्षदों का दावा – “बहुमत हमारे साथ”
वार्ड 14 की पार्षद नीलम झा के पति एवं झामुमो नेता अजय कांत झा ने दावा किया कि उनके पक्ष में पार्षदों का पूर्ण बहुमत है और जरूरत पड़ी तो कभी भी शक्ति प्रदर्शन किया जा सकता है।
वहीं पार्षद इस्तियाक अहमद लालो और बुलंद अख्तर रूमी के पक्ष से झामुमो नेता सईद अख्तर ने कहा कि अल्पसंख्यक होने के नाते उपमहापौर पद पर उनका हक बनता है और उनका जीतना तय है।
झामुमो जिला कमिटी के कोषाध्यक्ष सह पार्षद सुमित कुमार ने भी दावा किया कि ज्यादातर पार्षदों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।
भाजपा भी मैदान में पूरी ताकत से
भाजपा खेमे से दावेदारी कर रहे दीपक यादव के समर्थन में उनके भाई और सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव पार्षदों से लगातार संपर्क साध रहे हैं।
वहीं भाजपा नेता संजीव कुमार भी अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए कई पार्षदों से मुलाकात कर चुके हैं।
किस करवट बैठेगा ऊंट?
डिप्टी मेयर पद की यह सियासी जंग अब पूरी तरह से बहुमत के गणित पर टिक गई है। दोनों दलों के दावों और रणनीतियों के बीच अब सबकी नजर 16 मार्च पर है, जब तस्वीर साफ होगी कि उपमहापौर की कुर्सी किसके हिस्से आती है।
