गिरिडीह समाहरणालय में अग्निशमन मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ परीक्षण

गिरिडीह सेवा सप्ताह के तहत शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आग जैसी आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की तैयारियों का आकलन करना तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने स्वयं भाग लेकर पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और विभिन्न चरणों का अवलोकन किया। उन्होंने अग्निशमन दल की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और तकनीकी दक्षता की सराहना की।


इस दौरान एक काल्पनिक अग्निकांड की स्थिति उत्पन्न कर वास्तविक अभ्यास कराया गया। समाहरणालय परिसर में नियंत्रित तरीके से आग लगाकर उसे बुझाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर फायर एक्सटिंग्विशर सहित विभिन्न उपकरणों की मदद से आग पर शीघ्र नियंत्रण पाने का सफल अभ्यास किया।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारियों का मूल्यांकन होता है, बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि अपने कार्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की नियमित जांच सुनिश्चित करें तथा इमरजेंसी एग्जिट प्लान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता बिजय सिंह बीरूआ, डीआरडीए निदेशक रंथू महतो, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जिला भू अर्जन पदाधिकारी नीतू कुमारी सहित समाहरणालय के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अग्निशमन पदाधिकारी रवि रंजन सिंह ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और कार्यस्थलों पर अग्नि सुरक्षा के उपायों को अपनाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। उन्होंने बताया कि गैस सिलेंडर का सही उपयोग, बिजली के तारों की नियमित जांच और ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित रखना जैसी सावधानियां बड़ी घटनाओं को रोकने में सहायक होती हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तैयारी रखी जा रही है और आमजन की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
