केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक
विकास योजनाओं की प्रगति, विद्युत व्यवस्था एवं पेयजल संकट को लेकर हुई समीक्षा, भीषण गर्मी को देखते हुए निर्बाध रूप से बिजली व पेयजल आपूर्ति करने का दिया गया निर्देश

गिरिडीह। केंद्रीय मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में मंगलवार को नगर भवन में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सूबे के नगर विकास मंत्री सह सदर विधायक सुदिव्य कुमार, गिरिडीह सांसद चन्द्रप्रकाश चौधरी, राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, डुमरी विधायक जयराम महतो, बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो, जमुआ विधायक मंजु कुमारी, जिप अध्यक्षा मुनिया देवी, गिरिडीह नगर निगम की महापौर प्रमिला मेहरा के अलावे उपायुक्त रामनिवास यादव, एसपी डॉ बिमल कुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत संरचनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आमजनों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों एवं क्षेत्रीय समस्याओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। हालांकि बैठक में विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही मुख्य रूप से बिजली, पानी व साफ सफाई को लेकर विशेष चर्चा की गई। केन्द्रीय मंत्री ने भीषण गर्मी को देखते हुए निर्बाध रूप से बिजली व पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए।



भीषण गर्मी को देखते हुए निर्बाध रूप से विद्युतापूर्ति करने का दिया गया निर्देश
बैठक के दौरान लगातार बढ़ रही गर्मी एवं तकनीकी कारणों से उत्पन्न हो रही विद्युत समस्याओं की विशेष समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजनों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा तकनीकी खराबियों का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली एवं पेयजल दोनों आमजनों की प्राथमिक आवश्यकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने विद्युत विभाग को प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन, सही बिजली बिल उपलब्ध कराने तथा खराब ट्रांसफार्मर एवं तकनीकी अवरोधों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन समीक्षा करते हुए हर हाल में पेयजलापूर्ति करने का केन्द्रीय मंत्री ने दिए निर्देश
बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं जिले में पेयजलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। केन्द्रीय मंत्री निर्देश दिया कि भीषण गर्मी को देखते हुए जिले में आमजनों के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिया की जलापूर्ति योजनाओं की सतत निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की जाए, जिसमें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। साथ ही खराब पड़े पानी टैंकरों एवं पानी टंकियों की अविलंब मरम्मती सुनिश्चित किए जाये। जहां आवश्यकता हो वहां वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी टैंकर भेजने का निर्देश दिया गया।

आपूर्ति विभाग को भी दिए गए सख्त निर्देश
बैठक में केन्द्रीय मंत्री ने आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि राशन वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। सभी लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जन वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी कर शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जाए।
विकास योजनाओं में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता रखने के दिए निर्देश
बैठक के दौरान मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क निर्माण, समाज कल्याण, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत एवं आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिया की सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सभी पीएचसी एवं सीएचसी में चिकित्सक, दवाएं, मेडिकल उपकरण एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं जर्जर विद्यालय भवनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आधारभूत संरचना को लेकर दिए गए आवश्यक निर्देश
केन्द्रीय मंत्री ने बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन को सभी पीएचसी एवं सीएचसी में चिकित्सक, दवा, मेडिकल उपकरण एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को संयुक्त रूप से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सड़क, पुलिया एवं अन्य आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।

बेहतर समन्वय, स्पष्ट रोडमैप एवं लक्ष्य आधारित कार्यशैली से ही विकास संभव: सुदीव्य कुमार
बैठक के दौरान झारखंड के नगर विकास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदीव्य कुमार ने कहा कि योजनाओं का सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। कहा कि विकास कार्यों को धरातल पर गति देने के लिए विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अगले बैठक के पूर्व सभी विभाग अपने-अपने कार्यों का विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्रवार आवश्यकताओं का विश्लेषण कर योजनाओं को लक्ष्य आधारित तरीके से क्रियान्वित किया जा सके। कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को चिन्हित कर योजनाओं को उसी अनुरूप प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे आमजनों को सीधा लाभ मिल सके।
सांसद और विधायकों ने भी रखे अपने विचार
बैठक को गिरिडीह सांसद चन्द्रप्रकाश चौधरी ने जहां ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने की बात कही। वहीं राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करनेकी बात कही। जबकि डुमरी विधायक जयराम महतो स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही। बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने की बात कही। जमुआ विधायक मंजु कुमारी ने सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक सरल एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की बात कही।

केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाएं अंतिम व्यक्ति पहुंचाना ही जिला प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त
बैठक के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करें तथा विकास योजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
