बालमुकुंद के खिलाफ माले और असंगठित मजदूर मोर्चा का आंदोलन जारी, पूर्व विधायक विनोद सिंह व राजकुमार यादव हुए शामिल
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित वार्ता विफल

गिरिडीह। बालमुकुंद फैक्ट्री के सामने असंगठित मजदूर मोर्चा और भाकपा माले के बैनर तले जारी अनिश्चितकालीन लोकतांत्रिक धरना 14वें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। 13 मई से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के 14वें दिन भी फैक्ट्री प्रबंधन का अड़ियल रवैया साफ दिख रहा है। हालांकि मंगलववार को आंदोलन में बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह और धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव के शामिल होने से जहां एक ओर धरना पर बैठे मजदूरों का मनोबल बढ़ गया। वहीं वार्ता के दौरान फैक्ट्री के आशुतोष तिवारी बहाना बनाकर भाग जाने से वार्ता भी विफल हो गई। अनुमंडल अधिकारी धीरेन्द्र कुमार, अंचल अधिकारी जितेंद्र प्रसाद, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, लेबर ऑफिस के प्रतिनिधि ने वार्ता का प्रयास किया था।



धरना के दौरान पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि गिरिडीह की पहचान पार्श्वनाथ, मधुबन, खंडोली, उसरी, कोयला-अभ्रक, हरियाली से है। फैक्ट्री लगने के साथ ही कृषि जमीन बंजर हो गई है। कहा कि हम कारखानों के विरोध में नहीं, लेकिन 70-75 प्रतिशत लोकल मजदूरों को रखने सहित अन्य नियमों का पालन नही किया जा रहा है। जिसे संबंधित विभागीय अधिकारियों को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन सोच रहा है कि माले पीछे हट जाएगा तो ये गलतफहमी अपने दिमाग से निकाल दें। मजदूरों के हक के लिए महीनों-सालों तक आंदोलन करना पड़े तो करेंगे। वहीं पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि प्रदूषण सभी जिलों में होता है, लेकिन गिरिडीह में प्रशासन कंट्रोल नहीं कर पा रहा। सरकार को कड़ा होना होगा। कहा कि माले और असंगठित मजदूर मोर्चा हक-अधिकार की लड़ाई लड़ते हैं। खेत बर्बाद, बच्चे विकलांग पैदा हो रहे, फसल बर्बाद, जल-जंगल-जमीन बर्बाद हो रहे है। जनहित से जुड़ी यह लड़ाई सिर्फ माले की नही है बल्कि स्थानीय सांसद व विधायक की भी है। कहा कि जनता पूंजीपतियों से मिले लोगों को पहचाने। केंद्र सरकार अमेरिका से डरती है। पेट्रोल-डीजल के दाम देख लीजिए। अभी शुरुआत है, बात नहीं मानी गई तो पूरा गिरिडीह का चक्का जाम रहेगा।
धरना को जिला सचिव अशोक पासवान, किसान नेता पूरन महतो, कन्हाई पांडेय, राजेश सिन्हा, रामू बेठा, उस्मान अंसारी, शेखर सुमन, मनुवर हसन बंटी सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित करते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की जनता विरोध करे। लाल झंडा ही लड़ाई लड़ता है। कहा कि वार्ता विफल होने के बाद अब आंदोलन को ओर तेज किया जायेगा।

धरना में कन्हैया पाण्डेय, किशोर राय, हुबलाल राय, दीपक गोस्वामी, सुनील ठाकुर, मधुसूदन कोल, तुलसी तुरी, नबीन पाण्डेय, पवन यादव, भिखारी राय, दिलचंद कोल, अरबिंद टुडू, भीम कोल, मोहन कोल, बाबूलाल बास्की, राजन तुरी, प्रसादी राय, निमिया देवी, पार्वती देवी, सरिता देवी, ललिता देवी, जसमी देवी, सोनी देवी, करनी देवी के अलावे नौशाद आलम, तबारक चुन्नू,एकराम,मजहर सहित काफी संख्या में लोग शामिल है।
