नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक में जलापूर्ति एजेंसी की कार्यशैली पर उठा गंभीर सवाल
पार्षदों ने अतिरिक्त कूड़ा उठाने वाली एजेंसी एवं कुत्ता पकड़ने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल

गिरिडीह। सूबे के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में हुई गिरिडीह नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक में महापौर प्रमिला एवं उपमहापौर सुमित कुमार के समक्ष वार्ड संख्या 06 सहित पूरे नगर क्षेत्र में उत्पन्न गंभीर जल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
वार्ड नंबर 6 के वार्ड पार्षद संजीव कुमार, वार्ड चार के पार्षद कृष्णा साव सहित अन्य पार्षदों ने बैठक में जलापूर्ति एजेंसी की कार्यशैली, अतिरिक्त कूड़ा उठाने वाली एजेंसी एवं कुत्ता पकड़ने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति की गंभीर मामले की कई बार शिकायत नगर निगम प्रशासन एवं जलापूर्ति एजेंसी से की गई, लेकिन अब तक संबंधित विभाग एवं एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आम लोगों में भारी नाराजगी है। वार्ड पार्षद ने जलापूर्ति एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि एजेंसी की लापरवाही, मनमानी एवं भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण पूरी जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा चुकी है। इसके अतिरिक्त कूड़ा उठाने वाली एजेंसी एवं कुत्ता पकड़ने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए कि कुत्ता पकड़ने वाली एजेंसी प्रतिमाह लगभग 9 लाख रुपये का भुगतान लेती है, लेकिन किसी भी वार्ड में नियमित रूप से कुत्ता पकड़ने वाली गाड़ी नहीं भेजी जाती, जिससे आमजन परेशान हैं।


हालांकि बैठक में तत्काल राहत के लिए महादेव तालाब, भण्डारीडीह, बाजार समिति एवं पचम्बा स्थित जल टैंकों को भरने के लिए पावर बैकअप के रूप में डीजी (जनरेटर) की व्यवस्था कराने को लेकर सर्वसहमति से प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक के दौरान चैताडीह पाइपलाइन के रेजिंग पाइप से हो रहे अवैध जल कनेक्शन का मामला गंभीरता से उठाते हुए तत्काल प्रभाव से ऐसे कनेक्शनों को हटाने का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी की जानकारी में कुछ चहेते लोगों को अवैध रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके कारण बाजार समिति एवं मवेशी अस्पताल स्थित मुख्य टैंक पूरी तरह भर नहीं पा रहे हैं और आम जरूरतमंद जनता तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
इस दौरान सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु सभी वार्ड पार्षदों ने एकमत होकर प्रत्येक वार्ड में सफाई कर्मियों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करने का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा गया।
