महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक कुप्रथा को लेकर हुआ कार्यशाला का आयोजन
आज भी बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा, बदलते दौर में इसका कोई स्थान नही: डीसी

गिरिडीह। समाज कल्याण विभाग के द्वारा सोमवार को नगर भवन में महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक कुप्रथा बाल विवाह पर अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन बतौर मुख्यअतिथि उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मिता कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विस्पुते एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितवाहन उरांव व सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में काफी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं व समाज कल्याण विभाग से जुड़े कर्मी शामिल हुए।



कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि राज्य में आज भी बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा मौजूद है, जबकि बदलते समय में इसकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दे रहा है, तो ऐसे में बाल विवाह समाज के लिए कतई उचित नहीं है। कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है, बल्कि यह समाज की प्रगति में भी बाधक है। इस दौरान उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी दिलाई और इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की।

पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसकी सूचना मिलने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। वहीं कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीडीसी स्मिता कुमारी, एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते एवं एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता पर बल दिया।
