छात्रों की आवाज दबाने की साजिश कर रही है हेमंत सरकार: बाबूलाल मरांडी
गिरिडीह में नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर तीखा हमला, बोले विरोध की आवाज कुचलने के लिए पहले से बनाई गई थी रणनीति

गिरिडीह। जेपीएससी और जेएसएससी प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने जा रहे छात्रों के साथ हुए मारपीट मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार और झामुमो पर जोरदार हमला बोला है। गिरिडीह में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने शुक्रवार को गिरिडीह, रांची और हजारीबाग सहित अन्य जिलों में छात्रों एवं छात्र नेताओं के साथ हुई कथित मारपीट और पुतला दहन कार्यक्रमों को लेकर उन्होंने हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी आवाज को दबाने की साजिश कर रही है।
‘छात्रों को रोकने के लिए पहले से बनाई गई थी रणनीति’


बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन और सरकार विरोधी प्रदर्शनों को रोकने के लिए पार्टी स्तर पर बैठक कर पहले से रणनीति बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि जहां भी छात्र अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, वहां उन्हें डराने-धमकाने और विरोध से रोकने की कोशिश की जा रही है। झंडा मैदान में तो झामुमो के गुंडे ही छात्रों को पीटने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ विरोध करना जनता और छात्रों का अधिकार है। ऐसे में आंदोलनकारियों के साथ मारपीट करना और उनकी आवाज दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
‘पुतला दहन भी लोकतांत्रिक विरोध का माध्यम’
उन्होंने कहा कि पुतला दहन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का एक माध्यम है। इसके बावजूद छात्रों को पुतला दहन करने से रोकना और उनके साथ कथित रूप से मारपीट करना सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने दो टूक में कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और उनकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
‘विपक्ष ने परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं की’
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विपक्ष ने कभी परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं की। उनकी मांग सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि परीक्षा में गड़बड़ी के पीछे कौन लोग हैं और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाला व्यक्ति चाहे किसी राजनीतिक दल, पद या प्रभावशाली वर्ग से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि दोषियों को बचाने के बजाय उन्हें सलाखों के पीछे भेजना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रेसवार्ता में थे उपस्थित
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष रंजीत राय, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी, दिलीप वर्मा, चुन्नूकांत, अशोक उपाध्याय, सुनील पासवान, महादेव दुबे, सुभाष सिन्हा, नवीन सिन्हा, सुरेश प्रसाद मंडल, राजेश जयसवाल, मुकेश जालान, सिकंदर हेमब्रम, सुनित सिंह, मिथुन चंद्रवंशी, अरविंद बर्नवाल उपस्थित थे।

