हुनर को बाजार से जोड़ने पर जोर, पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को ब्रांडिंग का मंत्र 120 से अधिक कारीगरों ने लिया कार्यशाला में हिस्सा, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स के जरिए बाजार विस्तार की दी जानकारी

गिरिडीह। पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के हुनर को आधुनिक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को गिरिडीह समाहरणालय सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत शाखा एमएसएमई-विकास कार्यालय, धनबाद के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में जिले के 120 से अधिक लाभार्थियों एवं कारीगरों ने भाग लिया।
कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।


इस दौरान कारीगरों को उत्पाद की ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण और बिक्री रणनीति की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के साथ उसकी बेहतर पहचान और प्रस्तुति भी बाजार में सफलता के लिए जरूरी है।
कार्यशाला में डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध ऋण सुविधा, उद्यम पंजीकरण एवं अन्य लाभों की जानकारी भी दी गई।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक हुनर को आर्थिक अवसर में बदलने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कारीगरों से आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों और डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान लाभार्थियों ने ऑनलाइन बिक्री, उत्पाद की कीमत, ऋण एवं योजना से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों और विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम के समापन पर जमुआ के ब्लॉक ऑफिसर सुभाष कुमार ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

