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केन्द्र सरकार के चार श्रम संहिता कानून के खिलाफ बीमा कर्मचारी संघ ने मनाया काला दिवस

चारों श्रम संहिता मजदूर विरोधी, पूर्व के 44 श्रम कानूनों को देश में लागू करें सरकार: धर्म प्रकाश

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गिरिडीह। केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के आहवान पर अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ ने बुधवार को काला दिवस मनाया। इस दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम गिरिडीह शाखा के सभी कर्मचारियों ने कार्यालय के द्वार पर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए जा रहे हैं चारों श्रम संहिता का विरोध किया।

प्रदर्शन कर रहे संघ के सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि पहले देश में 44 श्रम कानून था जिसके द्वारा मजदूर कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य सुविधाएं सुरक्षित थी। लेकिन केंद्र की एनडीए सरकार ने कोरोना के समय 2019-20 में 15 कानून को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया तथा बाकी 29 श्रम कानून को चार कोड में बदल दिया। कहा कि सभी श्रमिक संगठनों के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार के द्वारा 21 नवंबर 2025 को लागू करने हेतु अधिसूचना जारी किया गया था। साथ ही निर्णय लिया था कि 1 अप्रैल 2026 से इन प्रतिगामी और मजदूर विरोधी श्रम कोड को लागू कर दिया जाएगा। जिसके बाद श्रम संहिता के विरोध में देश के तमाम ट्रेड यूनियन के द्वारा 12 फरवरी को एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी किया गया था, जिसमें देश के लगभग 30 करोड़ मज़दूर कर्मचारियों ने भाग लिया था। कहा कि इन तमाम विरोधों के बावजूद केंद्र सरकार चारों श्रम संहिता को लागू करने पर अड़ी हुई है। जिसके कारण आज के दिन को तमाम ट्रेड यूनियनों के द्वारा काला दिवस मनाया जा रहा है।

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प्रदर्शन के माध्यम से संघ ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि कर्मचारी मजदूर विरोधी चारों श्रम संहिता को अबिलंब वापस लेते हुए पूर्व के 44 श्रम कानूनों को फिर से देश में लागू करें। प्रदर्शन में संजय शर्मा, धर्म प्रकाश, विजय कुमार, उमानाथ झा, अनुराग मुर्मू, कुमकुम बाला वर्मा, सबा परवीन, देवनाथ दास, प्रभास कुमार शर्मा, सुनील कुमार वर्मा, अभय कुमार, महफूज अली, संजय कुमार शर्मा, पंकज कुमार, प्रदीप प्रसाद, माहेश्वरी वर्मा, विजय मंडल, संजय कुमार गुप्ता सहित कई कर्मचारी शामिल हुए।

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