16 मई से शुरू होगी भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण पहले चरण में होगा मकानों की सूचीकरण एवं गणना का कार्य : उपायुक्त
नागरिक स्वयं विशेष पोर्टल (www.se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी जनगणना की जानकारी ऑनलाइन कर सकते हैं दर्ज : डीडीसी

गिरिडीह। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं स्व-गणना (Self Enumeration) को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। गुरुवार को समाहरणालय परिसर में उपायुक्त रामनिवास यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जुड़कर जनगणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। वहीं, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को विस्तृत रूप से पूरी प्रक्रिया के बाबत जानकारी दी। मौके पर अपर समाहर्ता, बिजय सिंह बीरूआ, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार दुबे, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, अंजना भारती समेत प्रिंट व इलेट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मौके पर उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण दिनांक 16 मई से 14 जून तक चलेगा। बताया कि इस कार्य के लिए 802 पर्यवेक्षक एवं 4699 प्रगणकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिसमें मकानों की सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक एवं प्रगणकों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि प्रत्येक घर तक सही एवं सटीक जानकारी का संकलन सुनिश्चित हो सके।


पत्रकारों को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने बताया कि गिरिडीह जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 16 चार्ज बनाए गए हैं। जिसमें 13 ग्रामीण एवं 03 नगरीय (नगर निगम गिरिडीह, बड़की सरैया नगर पंचायत तथा धनवार नगर पंचायत) है। प्रत्येक चार्ज के लिए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए पहली बार आम नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि नागरिक स्वयं विशेष पोर्टल (www.se.census.gov.in) के माध्यम से दिनांक 01 मई से 15 मई तक अपनी जनगणना की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को पोर्टल पर अपना SE ID बनाकर OTP के माध्यम से लॉगिन करना होगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत नागरिकों को जनगणना से जुड़े लगभग 30 प्रश्नों का उत्तर स्वयं भरना होगा। स्व-गणना पूर्ण करने के बाद एक एसएमएस प्राप्त होगा, जिसे संबंधित क्षेत्र के प्रगणक को दिखाना आवश्यक होगा। उप विकास आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना के माध्यम से भरा गया डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और इसका उपयोग केवल आधिकारिक जनगणना उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इस दौरान डीडीसी स्मृता कुमारी ने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में मीडिया एक सशक्त सेतु का कार्य करता है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से आग्रह किया कि वे सही एवं प्रमाणिक जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें। उन्होंने कहा कि “हर नागरिक की सहभागिता इस महाअभियान की सफलता की कुंजी है।”
स्व-गणना के दौरान नागरिकों से मुख्य रूप से आवास, परिवार की संरचना, बुनियादी सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी। इसमें मकान के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री (फर्श, दीवार, छत), मकान का उपयोग एवं उसकी स्थिति, परिवार में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया से संबंधित विवरण (नाम, लिंग एवं सामाजिक वर्ग) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मकान के स्वामित्व की स्थिति, उपलब्ध कमरों की संख्या, विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल के स्रोत एवं उसकी उपलब्धता, प्रकाश के साधन, शौचालय एवं स्नानघर की सुविधा, गंदे पानी की निकासी, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन तथा खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। स्व-गणना प्रक्रिया के अंतर्गत घरेलू सुविधाओं एवं संसाधनों जैसे रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की उपलब्धता से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे। साथ ही, परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज एवं केवल जनगणना संबंधी संप्रेषण के लिए मोबाइल नंबर की जानकारी भी ली जाएगी।
