12 साल बाद आया फैसला : जमीन विवाद में गैर इरादतन हत्या के चार दोषियों को 10-10 साल की सजा

गिरिडीह। जमीन विवाद में हुई गैर इरादतन हत्या के एक मामले में 12 वर्षों बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। गिरिडीह की षष्ठम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति कुमारी की अदालत ने बुधवार को चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।सजा पाने वालों में रघुनाथ मंडल, प्रसादी मंडल, छक्कू मंडल और संतोष मंडल उर्फ संतु मंडल शामिल हैं। सरकारी वकील सुरेश मरांडी, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता सूरज नयन तथा बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया।
जानकारी के अनुसार मामला गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र का है। अप्रैल 2014 में जमीन विवाद को लेकर भुनेश्वर मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के पुत्र प्रदीप मंडल ने बेंगाबाद थाना में चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।


मामले की जांच के दौरान अनुसंधानकर्ता ने हत्या की धारा 302 को बदलकर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 में परिवर्तित कर दिया था। इसी आधार पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई, जिसके बाद चारों आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ। करीब 12 साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने तीन दिन पूर्व चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था और बुधवार को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया।
