झारखंड सरकार के वादाखिलाफी के विरोध में भाजपाइयों ने दिया धरना
कहा किसानों, महिलाओं और युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय लूटने में लगी है हेमंत सरकार

गिरिडीह। किसानों, महिलाओं और युवाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिले के सभी प्रखण्ड मुख्यालय में झारखंड सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया। सदर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित धरना का नेतृत्व भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष जय शंकर सिन्हा कर रहे थे। वहीं कार्यक्रम का संचालन हरर्मिंदार सिंह बग्गा ने किया। धरना में काफी संख्या में भाजपाइयों ने हिस्सा लिया।



धरना को संबोधित करते हुए कार्यक्रम प्रभारी अरुण हाज़रा, भाजपा नेता सुरेश साव, पूर्व जिलाध्यक्ष मुख्य वक्ता यदुनंदन पाठक , चुनुकांत, बिनय सिंह, मुकेश जलान, सुभाष सिन्हा, देवराज, वार्ड पार्षद दीपक यादव सहित अन्य नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार कोयला, बालू सहित अन्य खनिज संपदा को लूटने में लगी हुई है। यहां तक कि योजनाओं में भी लूट मचा रखी हैँ। किसानों को ओलावृष्टि एवं प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुक़सान का अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। कहा कि चुनाव के समय किसानों से किए गए बड़े-बड़े वादे आज केवल घोषणाओं तक सीमित होकर रह गए हैं। ₹3200 प्रति क्विंटल धान खरीद का वादा हो, किसानों की ऋण माफी का मुद्दा हो या खाद-बीज की उपलब्धता, हर मोर्चे पर राज्य सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्राकृतिक आपदाओं से परेशान किसानों को आज तक उचित मुआवजा नहीं मिला, जबकि अन्नदाता लगातार आर्थिक संकट और प्रशासनिक उपेक्षा का सामना कर रहा है। यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हक, सम्मान और अधिकार की इस लड़ाई को हम सड़क से सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ते रहेंगे। जब तक किसानों को उनका न्यायोचित अधिकार नहीं मिलेगा, हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा l भाजपाइयों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार अगर नहीं सुधरी तो सड़क से लेकर सदन तक जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

धरना में मंडल अध्यक्ष खींरोधर दास, मनोहर यादव, राजेश गुप्ता, संगीता सेठ, मनोज पांडेय, कुंदन सिंह, डॉक्टर शैलेंद्र चौधरी,अनूप सिन्हा, राजेश जायसवाल, सुमन सिन्हा, मिथुन चंद्रबंशी, विवेक गुप्ता, मनोज जोशी, इनोद साव, टिंकू सिन्हा, पवन कंधवे, समरदीप, प्रकाश सिंह, किशोर कुमार, पंचम वर्मा सहित काफी संख्या में भाजपाई मौजूद थे।
