हॉकी में भारत का ऐतिहासिक डबल गोल्ड, पुरुष टीम ने भी रचा नया इतिहास
फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर पुरुष टीम ने लगातार दूसरी बार जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण; पहली बार एक ही संस्करण में महिला और पुरुष दोनों टीमों के खाते में आया गोल्ड

नव बिहान डेस्क : भारतीय हॉकी के लिए एशियन गेम्स 2026 का अभियान इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। महिला टीम के बाद अब पुरुष टीम ने भी स्वर्ण पदक जीत लिया है। पुरुष टीम ने शनिवार को फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। इसके साथ ही भारत ने एशियन गेम्स हॉकी में पहली बार लगातार दो संस्करणों में पुरुषों का स्वर्ण सफलतापूर्वक डिफेंड किया है।
इससे भी बड़ी उपलब्धि यह है कि एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीता है। महिला टीम ने एक दिन पहले चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण हासिल किया था।


फाइनल में शुरुआत से दिखा दबदबा
मलेशिया के खिलाफ फाइनल में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। मलेशिया ने जल्द ही बराबरी कर ली, लेकिन भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में फिर बढ़त हासिल की। इसके बाद हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 3-1 किया। चौथे क्वार्टर में भारत ने दो और गोल दागे और मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया।
इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष टीम का अभियान अपराजित रहा।
महिला-पुरुष दोनों का स्वर्ण—भारतीय हॉकी का नया अध्याय
2026 के एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी के लिए दो अलग-अलग ऐतिहासिक उपलब्धियां एक साथ आईं। महिला टीम ने 44 साल का स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया, जबकि पुरुष टीम ने पहली बार लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का खिताब बचाया। दोनों टीमों के स्वर्ण ने भारतीय हॉकी के लिए इस एशियन गेम्स को एक ऐतिहासिक संस्करण बना दिया है।

