सोनम वांगचुक के समर्थन में और जंतर-मंतर में हुए लाठीचार्ज के खिलाफ भाकपा माले ने निकाला प्रतिवाद मार्च
मोदी सरकार पर बोला हमला, धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तिफा

गिरिडीह। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और आज के संसद मार्च के समर्थन में गिरिडीह में भी इंकलाबी नौजवान सभा, आईसा, एपवा, अखिल भारतीय किसान महासभा, झामस और भाकपा-माले के संयुक्त बैनर तले एक दिवसीय प्रतिवाद मार्च निकाला गया। प्रतिवाद मार्च गिरिडीह हाई स्कूल मैदान से शुरू होकर सुभाष चंद्र बोस चौक होते हुए जेपी चौक पर समाप्त हुआ। मार्च के दौरान मोदी सरकार के खिलाफ और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए गए।
प्रतिवाद मार्च के दौरान जिला सचिव अशोक पासवान, अखिल भारतीय किसान महासभा के वरिष्ठ नेता पूरन महतो, राजेश सिन्हा, मनोवर हसन बंटी, कन्हैया पांडे, रामलाल मुर्मू, सलामत अंसारी, शंकर पाण्डेय और मसूदन कोल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को चादर में लपेटकर ले गई और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज किया। इससे साफ झलकता है कि मोदी सरकार डरपोक है। कहा कि मोदी सरकार की तानाशाही को भारत के युवा समझ गए हैं। अब मोदी सरकार का सत्ता से बाहर जाना तय है। कहा कि आईसा और इंकलाबी नौजवान सभा सोनम वांगचुक के साथ लगातार खड़ी है।


प्रतिवाद मार्च में अखिलेश राज, चुन्नू तबारक, एकराम अंसारी, असावा खातून, रानी पाण्डेय, बिंदु सिंह, रामलाल मुर्मू, भीखन अंसारी, सलामत अंसारी, शेखर सिंह, जमीर अंसारी, आफताब अंसारी, हबीब अंसारी, दीपन सिंह, मुस्तकीम अंसारी, बहादुर भोक्ता, रंजीत यादव, मो0 असगर अली, रीतलाल वर्मा, अरुण वर्मा, मो0 राजा, मो0 बबन, शेख सगीर अंसारी, अरसद साह, बिट्टू सिंह, गौशाला सिंह, साक्षी सिंह, पप्पू सिंह, लक्ष्मण सिंह, तोरण लाल, सुनदेव सिंह, अरविंद सिंह, लखन कोल, भीम कोल, मोहन कोल, मनोहर कोल, किशोर राय, परसादी राय, मधुसूदन कोल, कादमा, प्रदीप कोल आदि शामिल थे।

