लखारी में संचालित मिशनरीज ऑफ चैरिटी का जायजा लेने पहुंचे उपायुक्त रामनिवास यादव, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का लिया जायजा
कहा समाज के सबसे कमजोर और असहाय बच्चों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा कार्य

गिरिडीह। शहर के लखारी में संचालित मिशनरीज ऑफ चैरिटी का जायजा लेने के लिए उपायुक्त रामनिवास यादव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वहां पर रहने वाले बच्चों से मुलाकात की तथा उनकी देखभाल एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मौके पर उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन तथा दैनिक आवश्यकताओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। संस्थान की संचालिकाओं एवं संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को संस्थान की गतिविधियों तथा बच्चों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
बताया गया कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी में वर्तमान में 0 से 10 वर्ष तक के उन बच्चों की देखरेख की जा रही है, जिनके माता-पिता नहीं हैं अथवा जिन्हें विभिन्न परिस्थितियों में परित्यक्त अवस्था में पाया गया है। कई बच्चे ऐसे हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं है और जिन्हें संरक्षण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का कार्य संस्थान द्वारा किया जा रहा है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की देखरेख में वर्तमान में 19 बच्चों का पालन-पोषण एवं संरक्षण किया जा रहा है।


भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने संस्थान में उपलब्ध साफ-सफाई, पोषण, चिकित्सा सुविधा तथा बच्चों के लिए बनाए गए सुरक्षित वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि समाज के सबसे कमजोर और असहाय बच्चों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा कार्य है। ऐसे बच्चों को केवल संरक्षण ही नहीं, बल्कि स्नेह, शिक्षा और बेहतर भविष्य देने की आवश्यकता है ताकि वे आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ सकें। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों की आवश्यकताओं एवं सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा संस्थान को हर संभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी जरूरतमंद बच्चे तक सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
मौके पर बाल संरक्षण पदाधिकारी जीतू कुमार, परामर्शी जिला बाल संरक्षण इकाई नीलम कुमारी, संतोष गुप्ता समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
