राजस्व बढ़ाने और विकास योजनाओं में तेजी पर सरकार का फोकस
गिरिडीह में मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की वाणिज्य-कर एवं योजना विभाग की समीक्षा, अधिकारियों को दिए पारदर्शी और समयबद्ध कार्य के निर्देश

गिरिडीह : झारखंड सरकार के वित्त, वाणिज्य-कर, योजना एवं विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शनिवार को गिरिडीह परिसदन भवन में वाणिज्य-कर विभाग एवं योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राजस्व संग्रह बढ़ाने, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में गिरिडीह, हजारीबाग एवं देवघर के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक से पूर्व गिरिडीह पहुंचने पर मंत्री का उपायुक्त रामनिवास यादव एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद परिसदन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।


राजस्व संग्रह को लेकर तय किए स्पष्ट लक्ष्य
समीक्षा बैठक में वाणिज्य-कर विभाग के राजस्व संग्रह, कर प्रशासन की कार्यप्रणाली, विभागीय उपलब्धियों एवं लक्ष्य प्राप्ति की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य हर हाल में प्राप्त किए जाएं तथा कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाया जाए। उन्होंने करदाताओं को सरल, सुगम एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, जवाबदेही और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों का लाभ आम जनता को समय पर मिल सके।
प्रस्तुत किए गए विभागीय प्रतिवेदन
बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभागवार प्रगति प्रतिवेदन, योजनागत व्यय, उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया। मंत्री ने सभी बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए और कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।
सुशासन और विकास को मिलेगी नई गति

मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेह व्यवस्था और समावेशी विकास है। अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और राज्य के समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।
बैठक में गिरिडीह, हजारीबाग एवं देवघर के वाणिज्य-कर विभाग, योजना एवं विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।

