भारतीय जीवन बीमा निगम के 71वें स्थापना दिवस पर बीमा सप्ताह कार्यक्रम की हुई शुरूआत एलआईसी के 70 वर्षों का विश्वास, सेवा और आर्थिक सुरक्षा का सफर : धर्म प्रकाश

गिरिडीह। भारतीय जीवन बीमा निगम की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर गिरिडीह शाखा कार्यालय में बीमा सप्ताह कार्यक्रम की शुरुआत की गई। वरीय शाखा प्रबंधक एस एन भर्तृवर, बीमा कर्मचारी संघ के सचिव धर्म प्रकाश, विकास अधिकारी मनोज कुमार, कुमकुम वाला वर्मा सबा परवीन, अंशु कुमारी सिंघानिया, अभिकर्ता उमाकांत वाजपेई ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार उपाध्याय द्वारा किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ कर्मचारी संजय शर्मा को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ के मंडलीय संयुक्त सचिव धर्म प्रकाश, मंडलीय संगठनीक सचिव अनुराग मुर्मू, शाखा अध्यक्ष संजय शर्मा, संयुक्त सचिव विजय कुमार ने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 1 सितंबर 2026 को एलआईसी ने विश्वास सेवा और आर्थिक सुरक्षा का 70 वर्ष पूरा किया है। आज गर्व के साथ हम कह सकते हैं कि एलआईसी का 70 वर्ष का सफर बेमिसाल सफलता की कहानी है। 1 सितंबर 1956 में लगाए गए छोटे से पौधे से एलआईसी भारत के वित्तीय क्षेत्र में बरगद के एक विशाल पेड़ के रूप में विकसित हुआ तथा इसने उन सभी उद्देश्यों को पूरा किया है जिसके लिए इसकी स्थापना की गई थी।


बताया कि वर्तमान समय में निगम की कुल संपत्ति 59 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। देश के विकास के लिए किए गए 55 लाख करोड़ रूपया के कुल निवेश में से 40 लाख करोड़ रूपया केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिभूतियों, सिंचाई, हाउसिंग, विद्युत, सड़क, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी ढांचों में लगाए गए हैं। पिछले 70 सालों में एलआईसी ने भारत सरकार को लाभांश के तौर पर 51000 करोड़ रूपया से अधिक दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निगम द्वारा केंद्र सरकार को 12207 करोड़ रूपया लाभांश के रूप में दिया गया। इसी वित्तीय वर्ष में प्रथम प्रीमियम आय में एलआईसी का मार्केट शेयर 56.66 प्रतिशत तथा नव व्यवसाय पॉलिसी में 65.16 प्रतिशत रहा। इस वर्ष निगम की कुल आय में 12. 42 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 972914 करोड़ रूपया रहा जो भारतीय जीवन बीमा निगम को बीमा क्षेत्र में ना सिर्फ मार्केट लीडर के रूप में बल्कि मार्केट मेकर के रूप में स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि आईआरडीए बीमा वितरण में बड़े बदलाव की कोशिश कर रहा है। चूंकि एलआईसी में 98.42 प्रतिशत पॉलिसी एजेंट के द्वारा किया जाता है ऐसे में यह बदलाव निगम के लिए खतरनाक है। आज के चुनौती पूर्ण आर्थिक माहौल में एलआईसी की वृद्धि दर, मार्केट शेयर और ग्राहकों का भरोसा को बचाना होगा। इसलिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विकास अधिकारियों तथा अभिकर्ताओं को मिलकर उत्तम ग्राहक सेवा प्रदान करना होगा।

