बालमुकुंद फैक्ट्री के खिलाफ माले और असंगठित मजदूर संगठन ने किया आंदोलन तेज, समाहरणालय के समक्ष किया प्रदर्शन
फैक्ट्री से निकाले गए 17 मजदूरों को अविलंब बहाल करने की की मांग

गिरिडीह। औद्योगिक क्षेत्र में फैल रहे जानलेवा प्रदूषण, स्थानीय युवाओं की उपेक्षा, मजदूरों की अवैध छंटनी और किसानों की बर्बाद हो रही खेती के खिलाफ माले और असंगठित मजदूर मोर्चा ने आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को भाकपा माले के द्वारा सदर प्रखंड के पपरवाटांड स्थित पार्टी कार्यलय के बाहर एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सिंदरी विधायक चन्द्रदेव महतो उर्फ़ बबलू, बगोदर के पूर्व विधायक बिनोद सिंह, धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेश सिन्हा सहित काफी संख्या में नेता व कार्यकर्त्ता शामिल हुए।



इस दौरान पपरवाटांड से एक प्रतिवाद मार्च निकाला गया जो समाहरणालय पहुंचकर डीसी ऑफिस का गेट जाम कर दिया। इस दौरान भाकपा माले, असंगठित मजदूर मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा ने उपायुक्त से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को रखा। इस दौरान उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि जल्द ही बालमुकुंद फैक्ट्री से निकाले गए 17 मजदूरों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेगी और मामले के शिकायतकर्ताओं को भी पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा।

मौके पर सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि मजदूर और जनता को तंग करना बंद किया जाए। मजदूरों को बिना नियम-कानून के निकालना घोर अन्याय है। कहा कि मजदूरों के साथ किसी भी हालत में ज्यादती नहीं होने दिया जायेगा। कहा कि फैक्ट्रियों से चौबीसों घंटे निकलने वाले जहरीले धुएं और छाई ने हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि को बंजर बना दिया है। किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने नवगठित जिला स्तरीय जांच कमेटी से उच्च स्तरीय जांच कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते हुए किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि फैक्ट्री मैनेजमेंट मजदूरों को तंग करना बंद करे, वरना मजदूरों की एकता उसे मिट्टी में मिला देगी। कहा कि फैक्ट्री ने आसपास के क्षेत्र को बर्बाद किया है, इसका मुआवजा भी देना होगा। कहा कि बालमुकुंद आयरन फैक्ट्री से बिना किसी ठोस कारण के 17 स्थानीय मजदूरों को नौकरी से निकाल देना सीधे-सीधे उनके पेट पर लात मारना है। इन मजदूरों की अविलंब ससम्मान काम पर वापसी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उपायुक्त और जिला प्रशासन से मजदूरों का साथ देने की मांग की।

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि जिला प्रशासन जल्द बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन को समझाएं, वरना लोकतांत्रिक आंदोलन के तहत गेट जाम किया जाएगा। जिसकी जवाबदेही प्रबंधन की होगी। उन्होंने मांग किया कि हटाए गए मजदूरों की जांच कर जल्द काम पर रखा जाए, अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन होगा।

सभा को संबोधित करते हुए माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि बालमुकुंद फैक्ट्री का प्रबंधन स्थानीय लोगों को परेशान करता है। स्थानीय मजदूरों को कम वेतन देने के साथ ही उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। जिसे माले बर्दाश्त नहीं करेगा। सभा में परमेश्वर महतो, नितई महतो, उस्मान अंसारी, सीताराम सिंह, जयंती चौधरी, पुरण महतो और जिला सचिव अशोक पासवान ने भी संबोधित किया।

