बस की जांच करने पहुंची परिवहन विभाग की टीम से मारपीट, DTO ने JLKM का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप
कथित तौर पर विधायक का नाम लेकर जांच रोकने का बनाया गया दबाव; DTO संतोष कुमार ने अधिकारियों-कर्मियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

गिरिडीह। जिले में बस परमिट की जांच करने पहुंची परिवहन विभाग की Enforcement टीम के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) संतोष कुमार ने इस घटना को लेकर JLKM पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जांच के दौरान JLKM विधायक का नाम लेकर टीम को यह कहते हुए रोकने की कोशिश की गई कि यह उनका इलाका है और यहां जांच नहीं की जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और JLKM का पक्ष सामने आना बाकी है।
परमिट जांच के दौरान बिगड़ा माहौल


DTO की ओर से पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, 14 अक्टूबर को शाम करीब 4:55 बजे कुलगो टोल प्लाजा के पास WB51C8298 नंबर की बस के परमिट की जांच की जा रही थी। इस दौरान कथित रूप से विवाद शुरू हुआ और बस चालक, सह-चालक तथा कुछ अन्य लोगों पर जांच टीम के सदस्यों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
आवेदन में मोटरयान निरीक्षक शुभम लाल सिंह के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किए जाने और उन्हें गंभीर चोट लगने की बात कही गई है। DTO संतोष कुमार और अन्य कर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार एवं मारपीट का आरोप है। घटना के बाद विभागीय टीम ने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सुरक्षा को लेकर DTO की चिंता
संतोष कुमार ने अपनी और विभागीय कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वह कई बार पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। घटना के बाद सरकारी ड्यूटी निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
CCTV फुटेज की जांच की मांग
परिवहन विभाग की ओर से डुमरी थाना प्रभारी को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर घटना की वास्तविक स्थिति सामने लाने का आग्रह भी किया गया है।
फिलहाल मामले में पुलिस की कार्रवाई, सुरक्षा संबंधी शिकायत पर उठाए गए कदम और JLKM की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। DTO की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

