नशे के खिलाफ सामूहिक भागीदारी जरूरी : उपायुक्त
समाहरणालय में अधिकारियों-कर्मियों ने ली नशामुक्त समाज की शपथ युवाओं को जागरूक कर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर दिया जोर

गिरिडीह। नशामुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में नशामुक्त अभियान के तहत शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने वरीय पदाधिकारियों, अधिकारियों एवं कर्मियों को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई।
परिवार और समाज पर पड़ता है व्यापक असर


इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और इसके खिलाफ सामाजिक भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।
युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता, संवाद और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें बेहतर दिशा दी जा सकती है।
अधिकारियों-कर्मियों ने लिया संकल्प
शपथ के दौरान अधिकारियों एवं कर्मियों ने स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि नशामुक्ति का संकल्प केवल एक दिन तक सीमित न रहकर दैनिक व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनना चाहिए।

