गिरिडीह में प्रस्तावित चिड़ियाघर के विरोध में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
दूधनिया गांव के ग्रामीणों की आबादी से दूर निर्माण की मांग, ’जंगल, जमीन व विस्थापन की आशंका को लेकर चिंतित है ग्रामीण

गिरिडीह। गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के पीरटांड़ प्रखंड में प्रस्तावित चिड़ियाघर के निर्माण को लेकर दूधनिया गांव के ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने जुलूस निकालकर चिड़ियाघर के निर्माण का विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन, घर और आजीविका की सुरक्षा की मांग उठाई। महिलाओं के हाथों में विरोध से संबंधित तख्तियां थी, जबकि पारंपरिक वेशभूषा में शामिल पुरुषों के हाथों में तीर-धनुष, फरसा सहित अन्य पारंपरिक आदिवासी हथियार नजर आए।
बताया जाता है कि पीरटांड़ प्रखंड के कुम्हरलालो पंचायत अंतर्गत कठवारा में जैव विविधता पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके सामने चिड़ियाघर बनाने की योजना प्रस्तावित है। ग्रामीणों का कहना है कि संथाल समाज का जीवन जंगल, जमीन और खेती-बाड़ी से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यदि उन्हें विस्थापित होना पड़ता है, तो उनकी आजीविका के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।


आबादी से दूर निर्माण कराने की रखी मांग

इस दौरान पूर्व प्रमुख सिकंदर हेंब्रम, समाजसेवी मनोज साहू ने प्रशासन से प्रस्तावित चिड़ियाघर के निर्माण के लिए आबादी से दूर किसी अन्य स्थान का चयन करने की मांग की। ताकि गांव के लोगों को विस्थापन का सामना न करना पड़े। कहा कि स्थानीय ग्रामीण विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर आदिवासी समुदाय को उनकी पुश्तैनी जमीन से हटाना उचित नहीं है।
प्रदर्शन में आरती मुर्मू, अबुन टुडू, सुभाष कुमार, जागो रजक, रविलाल, लखिराम, सोनाराम, सहदेव, अंद्रेयास और हीरालाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

