गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी RTO अधिकारी और डॉक्टर बनकर ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने गांडेय थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी सिम कार्ड के जरिए खुद को RTO अधिकारी और डॉक्टर बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे

गिरिडीह। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने गांडेय थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी सिम कार्ड के जरिए खुद को RTO अधिकारी और डॉक्टर बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे।
पुलिस अधीक्षक को 24 जुलाई 2026 को सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के पुनईडीह गांव स्थित एक क्षतिग्रस्त नर्सरी भवन में कुछ साइबर अपराधी बैठकर फोन के माध्यम से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के बाद साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।



पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर लोगों को फोन करते थे। वे खुद को RTO अधिकारी बताकर ई-चालान (RTO Challan) के नाम पर तथा डॉक्टर बनकर अपॉइंटमेंट बुकिंग के बहाने लोगों से ठगी करते थे।
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 22/2026, दिनांक 24 जुलाई 2026 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
मो. कैफ अंसारी मो. इरशाद अंसारी दोनों गांडेय थाना क्षेत्र के बक्शीगरजा निवासी है । जिसके पास से,6 मोबाइल फोन,7 सिम कार्ड,1 आईपैड,2 मोटरसाइकिल बरामद किया गया है। इस
छापेमारी दल में ,साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, पुलिस निरीक्षक गुंजन कुमार, गांडेय थाना प्रभारी आनंद कुमार, सहायक अवर निरीक्षक गजेंद्र कुमार, चौकीदार मनोज सोरेन, छोटेलाल मरांडी तथा पुलिस लाइन से प्राप्त सशस्त्र बल शामिल रहे।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा RTO चालान, डॉक्टर अपॉइंटमेंट, KYC अपडेट या अन्य किसी बहाने मांगी गई व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

