अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद पत्नी एरिया कमेटी सदस्य अनिता किस्कू ने किया आत्मसमर्पण
विभिन्न थानो में 15 नक्सली कांडों में वांछित है अनिता किस्कू, पारसनाथ, लुगू और कोल्हान क्षेत्र में थी सक्रिय 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता, कुल 3 लाख मिलेंगे

गिरिडीह। नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच 25 के ईनामी नक्सली अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नई दिशा-एक नई पहल से प्रभावित होकर अजय महतो की पत्नी सह भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमेटी सदस्य अनिता किस्कू उर्फ बबिता उर्फ बबिता कुमारी उर्फ बबिता देवी उर्फ बबिता दी उर्फ बबिता महतो ने सोमवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अनिता के खिलाफ झारखंड के मधुबन, गुवा, मुफस्सिल, चाईबासा और टोन्टो थाना क्षेत्रों में कुल 15 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सीएलए एक्ट और यूएपीए जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार द्वितीय कमान अधिकारी अभिनव आनंद एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार ने मंगलवार को संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देश पर गिरिडीह जिला के पारसनाथ जोन में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नई दिशा-एक नई पहल से प्रभावित होकर अनिता किस्कू ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।



एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि समय के साथ संगठन के अंदरूनी हालात और शीर्ष कमांडरों द्वारा निचले स्तर के कैडरों के कथित शोषण से अनिता का मोहभंग हो गया। वहीं पुलिस की लगातार कार्रवाई और उसके पति अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। बताया कि अनिता ने स्वयं गिरिडीह पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उसे सरकार की पुनर्वास नीति की जानकारी दी और आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। परिवार से विचार-विमर्श के बाद उसने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया।
बताया कि 30 वर्षीय अनिता किस्कू बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत ढोढी, जालगा टोली की रहने वाली है। संगठन में उसका पद एरिया कमेटी सदस्य का था। वह पारसनाथ जोन, लुगू पहाड़ी, झुमरा पहाड़ी और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रही है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2009 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात माओवादी नेताओं से हुई और वह संगठन में शामिल हो गई। बाद में उसने कई शीर्ष नक्सली नेताओं के साथ काम किया। वर्ष 2017 में उसने माओवादी नेता अजय महतो के साथ विवाह किया और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही। पुलिस का कहना है कि संगठन में रहते हुए वह हथियार, गोला-बारूद एवं विस्फोटकों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने, उन्हें जंगलों में छिपाने, लेवी वसूली तथा संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल रही।
प्रेसवार्ता के दौरान एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अनिता किस्कू को कुल 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसमें से 50 हजार रुपये की तत्काल नकद सहायता आत्मसमर्पण के समय उपलब्ध कराई गई है, जबकि शेष राशि नियमानुसार बाद में दी जाएगी। बताया कि आर्थिक सहायता के अलावा सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सली के रहने, खाने, सुरक्षा, पुनर्वास तथा न्यायालय में चल रहे मामलों की पैरवी और मुकदमे से संबंधित खर्च का भी वहन किया जाएगा, ताकि वे सम्मानपूर्वक सामान्य जीवन में वापस लौट सकें।

