सुदिव्य सोनू की स्मृति में पीरटांड़ में उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
मंत्री चमरा लिंडा, फागू बेसरा, बेबी देवी और केदार हाजरा समेत कई नेताओं ने किया नमन

गिरिडीह : पीरटांड़ प्रखंड स्थित सिद्धो-कान्हू मध्य विद्यालय परिसर में शनिवार को दिवंगत झारखंड सरकार के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। झामुमो परिवार पीरटांड़ की ओर से आयोजित सभा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल गमगीन रहा और लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुदिव्य कुमार सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके राजनीतिक जीवन, संगठन के प्रति योगदान और क्षेत्र के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद किया।


श्रद्धांजलि सभा में झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा, दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा, पूर्व मंत्री बेबी देवी और पूर्व विधायक केदार हाजरा समेत कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सुदिव्य सोनू का निधन अपूरणीय क्षति

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झामुमो, सरकार और जनता के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू एक सक्रिय जनप्रतिनिधि होने के साथ संगठन और सरकार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। वक्ताओं ने उनके अधूरे कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
पूर्व मंत्री बेबी देवी श्रद्धांजलि सभा के दौरान भावुक नजर आईं। वहीं पूर्व विधायक केदार हाजरा समेत अन्य वक्ताओं ने भी दिवंगत नेता के साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए उनके राजनीतिक योगदान को याद किया।
अधूरे कार्यों को पूरा करने की मांग
झारखंड आंदोलनकारी हीरालाल महतो ने भी सुदिव्य कुमार सोनू के साथ बिताए पलों को याद किया और भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनहित को लेकर दिवंगत मंत्री ने जिन कार्यों की शुरुआत की थी, उन्हें आगे बढ़ाते हुए पूरा किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर 2026 को 56 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक थे और झारखंड सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेल एवं युवा मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
उनके निधन के बाद राज्य सरकार ने दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की थी। गिरिडीह में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया था।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत मंत्री की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थन की। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर शोक और भावनाओं से भरा रहा।

