दो साल बाद भी मूल विद्यालय नहीं लौटे प्रतिनियोजित शिक्षक, 100 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
नव प्राथमिक विद्यालय बड़की लेदवेदवा में एक शिक्षक के भरोसे 100 विद्यार्थी प्रतिनियोजन रद्द करने के बाद भी नहीं दिया योगदान, प्रबंधन समिति ने आंदोलन की दी चेतावनी

तिसरी। तिसरी प्रखंड की थानसिंगडीह पंचायत अंतर्गत नव प्राथमिक विद्यालय बड़की लेदवेदवा में शिक्षक की कमी के कारण करीब 100 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। विद्यालय के एक शिक्षक के लंबे समय से प्रतिनियोजन पर रहने के कारण वर्तमान में विद्यालय का पूरा शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्य महज एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने का दावा किया जा रहा है। इसे लेकर विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों में नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार नव प्राथमिक विद्यालय बड़की लेदवेदवा में कक्षा एक से पांच तक करीब 100 विद्यार्थी नामांकित हैं। वर्तमान में शिक्षक राकेश कुमार दास के जिम्मे बच्चों की पढ़ाई के साथ मध्याह्न भोजन, प्रशासनिक कार्य सहित विद्यालय की अन्य जिम्मेदारियां भी हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति का कहना है कि एक शिक्षक के भरोसे इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की पढ़ाई संचालित होने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।


तीन महीने के लिए हुआ था प्रतिनियोजन
बताया गया कि विद्यालय के सहयोगी शिक्षक धर्मेंद्र कुमार धीरज को जिला शिक्षा अधीक्षक के आदेश, ज्ञापांक 2016, दिनांक 19 दिसंबर 2023 के तहत जमुआ प्रखंड-2 के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गोविंदपुर में तीन महीने के लिए प्रतिनियोजित किया गया था। आरोप है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी शिक्षक अपने मूल विद्यालय में वापस नहीं लौटे।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुसार, शिक्षक का वेतन मूल विद्यालय बड़की लेदवेदवा से ही निर्गत होता रहा है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताई।
प्रतिनियोजन रद्द कर दो दिनों में योगदान का दिया था निर्देश
ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन समिति के विरोध के बाद बीईईओ, तिसरी की ओर से पत्रांक 642, दिनांक 28 सितंबर 2024 जारी किया गया। पत्र में शिक्षक धर्मेंद्र कुमार धीरज का प्रतिनियोजन तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उन्हें पत्र निर्गत होने के दो दिनों के भीतर अपने मूल विद्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया था।
पत्र में यह भी उल्लेख था कि मूल विद्यालय में योगदान करने के बाद ही सितंबर 2024 का मानदेय/वेतन जारी किया जाएगा। हालांकि, विद्यालय प्रबंधन समिति का आरोप है कि उक्त निर्देश के बावजूद शिक्षक अब तक मूल विद्यालय में योगदान करने नहीं पहुंचे हैं।
100 बच्चों की पढ़ाई रोज प्रभावित हो रही
विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष ऐपवा सोरेन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग की ओर से शिक्षक को वापस भेजने का पत्र तो जारी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि करीब 100 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और एक शिक्षक के लिए बच्चों की पढ़ाई के साथ अन्य सभी कार्य संभालना मुश्किल है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षक को अविलंब मूल विद्यालय में वापस नहीं भेजा गया और नियमानुसार उनके वेतन के संबंध में कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बीईईओ बोले- दूसरे प्रखंड का प्रतिनियोजन जिला स्तर से
मामले में बीईईओ तितु लाल मंडल ने कहा कि दूसरे प्रखंड में शिक्षक का प्रतिनियोजन जिला स्तर से होता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रखंड स्तर से उनके अधिकार सीमित हैं।
वहीं, मूल विद्यालय से प्रतिनियोजित शिक्षक धर्मेंद्र कुमार धीरज से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। उन्होंने बाद में बात करने की बात कहते हुए फोन काट दिया। उनका पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने तथा बच्चों की पढ़ाई सुचारू कराने की मांग की है।

