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बंगाल में इस बार दिखेगी बदलाव की क्रांति : संजीव कुमार

चुनाव प्रचार थमने के बाद वापस लौटे भाजपा नेता संजीव कुमार, सुनील पासवान और दिलीप वर्मा, बांकुड़ा जिले के अलग अलग विधानसभा के बनाए गए थे प्रभारी, कहा टीएमसी के शासनकाल में त्रस्त है बंगाल की जनता, बना चुके है बदलाव का मन

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रिंकेश कुमार
गिरिडीह। बंगाल में 23 अप्रैल को प्रथम चरण में होने वाले चुनाव को लेकर प्रचार प्रसार पूरी तरह से थम चुका है। विगत कई वर्षो से बंगाल की सत्ता पर काबिज टीएमसी पार्टी को भाजपा के द्वारा कड़ी चुनौती दी जा रही है। यहां तक कि अक्सर बंगाल में चुनाव के दौरान होने वाले चुनावी हिंसा को देखते चुनाव आयोग द्वारा पहले के अपेक्षा दो गुणा सेंट्रल फोर्स को उतारा गया है। ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराया जा सकें। हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान कई हिंसात्मक खबरे भी सामने आई है। ऐसे में भाजपा के द्वारा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने तथा भाजपा के कोर वोटरो को मतदान केन्द्र तक लाने के लिए काफी मशक्कत कर रही है। चुनाव प्रचार के दौरान गिरिडीह से तीन भाजपा नेता करीब एक माह से प्रवास में थे। पार्टी के द्वारा तीनों नेताओं को अलग-अलग विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था। जिनके अनुसार इस बार बंगाल में बदलाव की क्रांति देखने को मिलेगी। क्योंकि टीएमसी के आतंक से बाहर निकलने का बंगाल की जनता ने मन बना लिया है।

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भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री सह वार्ड पार्षद संजीव कुमार उर्फ गुड्डु बांकुड़ा जिला के कोतुलपुर विधानसभा के प्रभारी बनाए गए थे। वे 18 मार्च से लगातार प्रवास में रहते हुए पोतुलपुर विधानसभा प्रत्याशी लक्ष्मीकांत मजूमदार के लिए चुनाव प्रचार के साथ साथ चुनावी रणनीति बनाने में जूटे हुए थे। वहीं गिरिडीह के पूर्व मेयर सह संथाल प्रगणा के प्रभारी सुनील पासवान को बांकुड़ा जिले के ही रघुनाथपुर विधानसभा के प्रभारी बनाए गए थे। एसी के लिए रिर्जव सीट होने के कारण रघुनाथपुर विधानसभा की प्रत्याशी मामूली बाउरी के लिए वे भी लगातार एक माह तक प्रवास में रहकर चुनावी रणनीति बनाने में जूटे थे। जबकि भाजपा के प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा को बांकुड़ा जिले के ही सोनामुखी विधानसभा का प्रभारी बनाया गया था।

चुनाव प्रचार संपन्न होने के बाद गिरिडीह लौटने के क्रम में उन्होंने अपने प्रवास के दौरान हुई बातों को साझा करते हुए बताया कि टीएमसी के शासनकाल में सिर्फ महानगरों की चमक बढ़ी है, जबकि बंगाल के ग्रामीण इलाकों हो या सुदूवर्ती इलाके हो आज भी यहां के ग्रामीणों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पानी, रोजगार सरीखे मूलभुत सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। बताया कि पूरे बंगाल में टीएमसी का गुंडाराज हावी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था होने के बाद भी पंचायत स्तर के चुनाव में भी टीएमसी के लोग दूसरे लोगों को खड़ा नहीं होने देते है। वोटरों को डराकर अपने पक्ष में मतदान कराना है। बताया कि पूरे इलाके में केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों के बजाय सिर्फ टीएमसी के समर्थक ही उठा रहे है। यहां तक कि आयुष्मान जैसी योजना को बंगाल में लागू नही किया गया है।

पोतुलपुर विधानसभा के प्रभारी भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री सह वार्ड पार्षद संजीव कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में भी भाजपा के कौर वोटरों को डराने और घमकाने का काम टीएमसी के लोगों द्वारा किया जा रहा है। पश्चिमी मेदनीपुर में युवा मोर्चा के रैली पर टीएमसी के लोगों द्वारा हमला किया गया। लेकिन अब बंगाल की जनता डरने वाली नही है, वे इस जंगल राज से बाहर निकलने का मन बना चुकी है। इस बार एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। बंगाल की जनता अब खोफ से बाहर निकलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास मंत्र पर अपना मूहर लगाने के लिए व्याकुल है। इस बार पूरे बंगाल में भाजपा के पक्ष में वोट का प्रतिशत पूर्व के अपेक्षा न सिर्फ बढ़ेगा बल्कि परिवर्तन की एक नई गाथा भी लिखेगा।

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