एमडीएम चावल गबन के आरोपों की प्रशासनिक जांच शुरू
उत्क्रमित मध्य विद्यालय राताबहियार पहुंची जांच टीम, ग्रामीणों की शिकायत पर हुई पड़ताल

गांडेय/गिरिडीह : प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय राताबहियार में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के चावल के कथित गबन, फर्जी उपस्थिति दर्ज करने तथा विद्यालय विकास मद की राशि में अनियमितता के आरोपों की प्रशासनिक जांच शुरू हो गई है। ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त को दिए गए ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को गिरिडीह के प्रशिक्षु आईएएस एस. कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) आशीष कुमार हेंब्रम विद्यालय पहुंचे और विभिन्न आरोपों की जांच की।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने विद्यालय में एमडीएम के करीब 12 बोरा चावल के कथित गबन, बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज करने तथा पोशाक सामग्री को बोरे में छिपाकर रखने समेत कई अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन भी किया था।


ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के सचिव सह शिक्षक अजय कुमार सिंह द्वारा एमडीएम चावल, बच्चों की पोशाक एवं विद्यालय विकास मद की राशि में अनियमितता बरती गई है। विद्यालय के पूर्व सहायक अध्यापक रामप्रसाद यादव ने भी इन आरोपों की पुष्टि किए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। इसके बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी।
इसी शिकायत के आलोक में बुधवार को प्रशिक्षु आईएएस एस. कुमार और डीएसई आशीष कुमार हेंब्रम विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय में उपलब्ध अभिलेखों, एमडीएम से संबंधित व्यवस्था तथा अन्य बिंदुओं की पड़ताल की। अधिकारियों ने कहा कि लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत प्रतिवेदन उपायुक्त को सौंपा जाएगा।
मौके पर पूर्व मुखिया प्रकाश यादव, पंचायत समिति सदस्य विकास कुमार, अमर गोप, सुरेंद्र यादव, गिरधारी गोप, मनोज मोदी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

