JSSC-CGL नियुक्ति विवाद: हाईकोर्ट ने रद्दीकरण पर रोक रखी बरकरार, 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई

रांची। JSSC-CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियुक्तियां रद्द करने संबंधी सरकारी अधिसूचना पर पहले से लगी अंतरिम रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:30 बजे होगी।
सरकार ने दाखिल किया जवाबी शपथ पत्र


सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में शपथ पत्र दाखिल किया गया। सरकार के जवाब पर याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रति-उत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की गई।
सिर्फ अधिसूचना जारी कर नियुक्ति खत्म नहीं की जा सकती
सुनवाई के दौरान अदालत ने नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों के सेवा अधिकार और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू पर टिप्पणी की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कोर्ट ने कहा कि केवल एक अधिसूचना जारी कर नियुक्त कर्मचारियों को, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना, सेवा से नहीं हटाया जा सकता।
इसका सीधा असर यह है कि फिलहाल JSSC-CGL के तहत नियुक्त अभ्यर्थियों की सेवाओं पर सरकार की रद्दीकरण अधिसूचना प्रभावी नहीं होगी। हालांकि, यह अंतरिम व्यवस्था है और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
SIT जांच की निगरानी को लेकर भी व्यवस्था
मामले की जांच कर रही SIT के संबंध में भी अदालत ने व्यवस्था की है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त अभ्यर्थियों से जुड़ी शिकायतों एवं जांच की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को जांच के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो वह अपनी शिकायत उनके समक्ष रख सकता है।
अब 7 अक्टूबर पर टिकी नजर
JSSC-CGL नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर अब 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। उस समय याचिकाकर्ताओं की ओर से सरकार के शपथ पत्र पर अपना जवाब रखा जाएगा और मामले के अन्य कानूनी पहलुओं पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।

