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बनवासी विकास आश्रम ने आदिम जन जाति बिरहोर परिवारों के बीच खाद्य सामग्री का किया वितरण

जरूरतमंद बिरहोर परिवारों को अतिरिक्त पोषण सहयोग उपलब्ध कराना उद्देश्य: सुरेश शक्ति

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गिरिडीह। विलुप्त प्राय आदिम जन जाति बिरहोर समुदाय के लिए वर्षों से कार्य कर रही बनवासी विकास आश्रम ने दया फाउंडेशन के सहयोग से बिरहोर समुदाय के परिवारों में पोषण एवं खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बगोदर एवं सरिया प्रखंड के विभिन्न बिरहोर टंडाओं में खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान बुधाचांच, अमनारी, पिपराडीह एवं कला पत्थर बिरहोर टंडा के कुल 132 बिरहोर परिवारों को पोषण सहायता प्रदान की गई। इस दौरान प्रत्येक परिवार को 25 किलोग्राम चावल एवं 4 किलोग्राम दाल उपलब्ध कराई गई।

संस्था की ओर से बताया गया कि यह खाद्य सामग्री सहायता सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले नियमित राशन के अतिरिक्त है। जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बिरहोर परिवारों को अतिरिक्त पोषण सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि परिवारों को खाद्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों में कुछ अतिरिक्त सहारा मिल सके। कहा कि बिरहोर समुदाय के कई परिवार आज भी आर्थिक कठिनाइयों एवं खाद्य असुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे परिवारों को नियमित पोषण सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य उनके भोजन एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देना है।

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खाद्य सामग्री वितरण कार्यक्रम में उपस्थित बगोदर पश्चिमी के जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने कहा कि बिरहोर समुदाय समाज के अत्यंत वंचित एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों में शामिल है। समुदाय के परिवारों तक आवश्यक खाद्य एवं पोषण सामग्री पहुंचाना एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत मिलने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में भी मदद मिलती है।

वहीं बनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश कुमार शक्ति ने बताया कि संस्था द्वारा बिरहोर समुदाय के बीच पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता के क्षेत्र में लगातार कार्य किया जा रहा है। खाद्य सामग्री वितरण भी इसी प्रयास का हिस्सा है, ताकि समुदाय के परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आवश्यक सहयोग मिल सके।

ITI
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