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पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर जश्न, गिरिडीह के प्रभारियों की भूमिका चर्चा में

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रिपोर्ट: रिंकेश कुमार | गिरिडीह

अपडेटेड: 4 मई 2026

sawad sansar

भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल में जीत का किया दावा
– गिरिडीह के तीन नेताओं के प्रभार वाले क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन
– महिला मतदाताओं और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर
– चुनाव परिणाम के बाद भाजपा खेमे में उत्साह

पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह परिणाम जनता के समर्थन और संगठनात्मक मजबूती का संकेत है। भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दिया है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान चलाए गए अभियान और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता का असर परिणामों में दिखाई दिया।

ममता बनर्जी सरकार पर साधा निशाना

भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती थी। उनके अनुसार, लंबे समय से सत्ता में रही सरकार के खिलाफ मतदाताओं में असंतोष देखने को मिला, जो चुनाव परिणामों में परिलक्षित हुआ।

गिरिडीह के नेताओं को मिली थी जिम्मेदारी, रहा शानदार प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल चुनाव में गिरिडीह के तीन भाजपा नेताओं को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का प्रभार दिया गया था। इन तीनों ही क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों ने शानदार प्रदर्शन किया और बड़ी जीत हासिल की।

कौतुलपुर विधानसभा

युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री संजीव कुमार गुड्डु को इस क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने लगभग एक माह तक क्षेत्र में रहकर चुनाव प्रबंधन और संगठन को मजबूत करने का काम किया। इस सीट से करीब 34 हजार वोटों से पहली बार लक्ष्मीकांत मजूमदार ने जीत दर्ज की।  नव बिहान से बात करते हुए संजीव कुमार गुड्डू ने कहा – ” विधानसभा प्रवास के दौरान मैंने देखा कि आज़ादी के 75 साल के बाद भी कई गाँवों के लोगों को टीएमसी के गुंडे वोट देने से रोकते थे और उनकी जगह बोगस वोटिंग की जाती थी। इसका विरोध करने पर पिटाई कर देना, हाथ पाँव तोड़ देना, मकान ढहा देना या फिर हत्या कर देना कोई बड़ी बात नहीं थी। बावज़ूद, इस बार ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं ने साहस और संकल्प के साथ काम करते हुए इस प्रचंड जीत में महती भूमिका निभाई। ”

रघुनाथपुर विधानसभा

पूर्व मेयर सुनील पासवान को रघुनाथपुर की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने विशेष रूप से दलित और पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के बीच संपर्क अभियान चलाया। बूथ स्तर पर समन्वय और मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्होंने क्षेत्र के 318 में से 280 बूथों तक पहुँचने का काम किया। जिसके परिणामस्वरूप यहां भी भाजपा प्रत्याशी मामूनी बाउरी करीब 45 हजार वोट से जीत दर्ज की है।

सोनामुखी विधानसभा

प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा को सोनामुखी विधानसभा का प्रभार मिला था। यहां संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के समन्वय को पार्टी ने सफलता का प्रमुख कारण बताया। सोनामुखी विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी दिवाकर गहरामी करीब 24 हजार से अधिक वोटो से जीत दर्ज की है।

जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका

भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने और चुनावी प्रबंधन को मजबूत बनाने में उनकी भागीदारी अहम रही।

महिला मतदाताओं की भागीदारी पर जोर

पार्टी नेताओं ने महिला मतदाताओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि महिलाओं के बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचने से मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई, जिसका सकारात्मक असर परिणामों पर पड़ा।

विचारधारा और प्रतीकात्मक संदेश

भाजपा नेताओं ने इस जीत को श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वामी विवेकानंद, बंकिम चंद्र चटर्जी, सुभाष चंद्र बोस, रवीन्द्र नाथ टैगोर और खुदीराम बोस जैसे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरित बताया। उनके अनुसार, यह परिणाम जनता की आकांक्षाओं और बदलाव की इच्छा को दर्शाता है।

भाजपा के अनुसार, पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम केवल राजनीतिक परिदृश्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह जनता के विश्वास, संगठन की मेहनत और व्यापक जनसंपर्क अभियान का परिणाम है। पार्टी नेताओं ने इसे भविष्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत बताया है।

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