Nav Bihan
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 70 हजार 659 प्री लिटिगेशन एवं 4479 लंबित मामलों का हुआ निष्पादन

2 करोड़ 96 लाख 73 हजार 236 रूपए की राजस्व की वसूली, दुर्घटना वाद में पीड़ितों को 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार रुपए के दिए गए चेक

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गिरिडीह। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के द्वारा शनिवार को व्यवहार न्यायालय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 70 हजार 659 प्री लिटिगेशन मामलेएवं 4479 लंबित मामलों का निष्पादन किया गया। वहीं 2 करोड़ 96 लाख 73 हजार 236 रूपए की राजस्व की वसूली की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑन लाइन उद्घाटन उच्च न्यायालय झारखंड रांची के मुख्य न्यायाधीश के अलावे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष गिरिडीह मार्तंड प्रताप मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय धनंजय कुमार एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के द्वारा किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का आयोजन कर दुर्घटना वाद में पीड़ितों को 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार रुपए से अधिक के चेक प्रदान की गई।

मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के अध्यक्ष मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2026 के लिए प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आमजनों एवं पक्षकारों को लाभ प्रदान करने के लिए नालसा के निर्देश पर पूरे देश में किया जा रहा है। जिसमें राज्य के सभी न्यायालयों में लंबित एवं प्री लिटिगेशन मामलों का निष्पादन इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जा रहा है। कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से पक्षकारों को अपने मामलों में त्वरित निष्पादन का लाभ तो मिलता ही है। साथ ही न्यायालय का बोझ भी कम होता है। कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामलों, सिविल मामलों, बैंक मामलों, वाहन दुर्घटना वाद से संबंधित मामलों, बिजली, वन विभाग, उत्पाद, माप तौल, खाद्य सुरक्षा इत्यादि विभागों से संबंधित मामलों का निष्पादन लोक अदालतों के माध्यम से होने से आम जनों को काफी राहत मिलती है।

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कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के सचिव सफदर अली नैयर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, सभी विभागों के पदाधिकारियों, विद्वान पैनल अधिवक्ताओं एवं पारा लीगल वॉलिंटियर्स का सराहनीय योगदान रहा। उन्होंने बताया कि संबंधीत न्यायालयों के द्वारा पूर्व से ही मामलों को चिन्हित कर संबंधित पक्षकारों को नोटिस के माध्यम से सूचना प्रदान किया गया था। बताया कि मामलों के निष्पादन के लिए कुल 13 पीठों का गठन किया गया था, जिसमें सभी पीठों के पीठासीन पदाधिकारियों ने अपने-अपने पीठों में आवंटित मामलों को निष्पादित किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में 70695 प्री लिटिगेशन मामले एवं 4479 लंबित मामलों का निष्पादन किया गया। साथ ही 2 करोड़ 96 लाख 73 हजार 236 रुपए’ की राशि संबंधित पक्षकारों से राजस्व के रूप में विभिन्न विभागों को प्राप्त हुआ है।

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