अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कर्णपुरा आटा उत्पादन केन्द्र में महिलाओं को किया गया सम्मानित।
महिलाएं विकास की मजबूत आधारशिला : मुनिया देवी महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं महिलाएं : डीडीसी

गिरिडीह। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बेंगाबाद के कर्णपुरा में संचालित आटा उत्पादन केन्द्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष मुनिया देवी तथा विशिष्ट अतिथि उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS, प्रखंड प्रमुख सहित कई संबंधित पदाधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावे काफी संख्या में स्थानीय महिलाएं शामिल हुई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के बारे में भी जागरूक किया गया। साथ ही सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर कुछ महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य और सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की महिलाएं समाज के विकास की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के साहस, परिश्रम और संकल्प की सराहना की और उन्हें शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।


मौके पर उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय, खेल तथा सामाजिक सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। इस दौरान उप विकास आयुक्त ने गिरिडीह जिले के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और विभिन्न विभागों में कार्यरत महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता की सराहना की गई।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस नारी शक्ति, सम्मान और समानता का प्रतीक है। यह दिन हमें समाज, परिवार और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं के अमूल्य योगदान को याद करने और उन्हें सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, विज्ञान, खेल सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। पहले जहां महिलाओं की भूमिका सीमित मानी जाती थी, वहीं आज वे आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
