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गिरिडीह-मधुपुर सवारी गाड़ी की लेटलतीफी पर रेलवे सख्त, समय पालन का दिया गया निर्देश

सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने की थी शिकायत

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गिरिडीह। गिरिडीह से मधुपुर के बीच संचालित सवारी गाड़ी संख्या 53520 की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ उठाई गई आवाज़ का असर अब रेल प्रशासन पर दिखाई देने लगा है। इस समस्या को लेकर सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल की शिकायत के बाद पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच और सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। आसनसोल मंडल, पूर्व रेलवे, आसनसोल के सहायक परिचालन प्रबंधक द्वारा सुनील खंडेलवाल को भेजे गए आधिकारिक जवाब में स्वीकार किया गया है कि उक्त ट्रेन के लगातार विलंब के कारण यात्रियों को मानसिक एवं आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। रेल प्रशासन ने इस पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही है।

रेलवे द्वारा जारी आदेश के अनुसार ट्रेन के बार-बार विलंब के कारणों की सूक्ष्म जांच के लिए खंडीय यातायात निरीक्षक को निर्देशित किया गया है। साथ ही संबंधित स्टेशन मास्टरों और कंट्रोल कार्यालय के नियंत्रकों की काउंसलिंग की गई है तथा उन्हें सख्त निर्देश दिया गया है कि मालगाड़ियों की अपेक्षा यात्री ट्रेनों के समय पालन प्राथमिकता दी जाए। रेलवे नियंत्रण कक्ष को भी निर्देशित किया गया है कि विशेष रूप से रात्रिकालीन कनेक्टिंग सेवाओं के दौरान अनावश्यक ठहराव को समाप्त किया जाए, ताकि यात्रियों को समय पर सेवा मिल सके और उन्हें लंबे इंतजार की परेशानी से राहत मिल सके।

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इस संबंध में सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने कहा कि गिरिडीह-मधुपुर सवारी गाड़ी के लगातार विलंब के कारण आम यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा व्यापारियों को लंबे समय से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा अब इस मामले में जांच के आदेश देना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यात्रियों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी जब ट्रेन का संचालन नियमित और समयबद्ध किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले समय में स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो इस मुद्दे को उच्च रेलवे अधिकारियों एवं केंद्र सरकार के समक्ष और अधिक मजबूती से उठाया जाएगा।

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