Nav Bihan
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वृद्ध महिला की मौत के बाद बवाल, गलत इलाज का आरोप उमा पॉलीक्लिनिक के बाहर परिजनों ने किया हंगामा व सड़क जाम

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गिरिडीह। सरिया थाना क्षेत्र के बागोडीह चौक के समीप संचालित उमा पॉलीक्लिनिक एंड डायग्नोस्टिक सेंटर से इलाज कराने के बाद एक वृद्ध महिला की मौत हो जाने से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने क्लिनिक के डॉक्टर पर गलत इलाज और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

इस दौरान परिजनों का आरोप है कि उमा पॉलीक्लिनिक में बगैर योग्य डॉक्टर के इलाज किया जाता है और लापरवाही के कारण उनकी मां की जान चली गई। मृतका के पुत्र मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी मां को हल्का बुखार खांसी था, जिसके बाद इलाज के लिए उमा पॉलीक्लिनिक में भर्ती कराया गया। यहां अशोक मोदी नामक व्यक्ति द्वारा इलाज किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान तीन दवाइयां खिलाने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उल्टी शुरू हो गई। बार-बार बाहर रेफर करने की मांग के बावजूद क्लिनिक संचालक ने गंभीरता नहीं दिखाई और जब स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो रांची रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने उमा पॉलीक्लिनिक के बाहर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषी डॉक्टर पर कानूनी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा। हालांकि घटना की सूचना मिलते ही सरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर जाम को हटाने का प्रयास किया।

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वहीं, उमा पॉलीक्लिनिक के डॉक्टर सोनू कुमार ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला 27 दिसंबर को बुखार और खांसी की शिकायत लेकर उनके क्लिनिक आई थी, जहां जांच के बाद दवा का प्रिस्क्रिप्शन दिया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को महिला दोबारा आई और कमजोरी की शिकायत बताई। जांच में टाइफाइड की पुष्टि हुई, जिसके बाद आवश्यक दवाइयां दी गईं और मरीज को घर भेज दिया गया। डॉक्टर सोनू कुमार ने यह भी कहा कि उनके क्लिनिक में भर्ती की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है और महिला को कभी भी उनके यहां एडमिट नहीं किया गया। महिला की आज सुबह मौत हो जाने के बाद उन पर गलत इलाज का आरोप लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह निराधार है।

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