वन संरक्षण और खाद्य विविधता को बढ़ावा देता वन्य खाद्य मेला

गिरिडीह : अभिव्यक्ति फाउंडेशन द्वारा राइज अप लीडरशिप कार्यक्रम के तहत सुंदरपहाड़ी फुटबॉल मैदान में आयोजित वन्य खाद्य मेला का भव्य उद्घाटन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं जलवायु परिवर्तन के राज्य नोडल पदाधिकारी रवि रंजन ने किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, भोजन और स्वास्थ्य का आधार जंगल है। इसलिए वनों का संरक्षण और संवर्धन सभी समुदायों और हितभागियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने समुदाय की सक्रिय भागीदारी और समृद्ध खाद्य विविधता प्रदर्शनी की सराहना करते हुए घोषणा की कि वन विभाग इस मेला और सांस्कृतिक आयोजन को हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित कराने में पूरा सहयोग देगा, ताकि वन संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी और अधिक मजबूत हो सके।


प्रमंडलीय वन आयुक्त वाघ पवन शालिग्राम ने कहा कि पहाड़िया समुदाय द्वारा प्रदर्शित खाद्य श्रृंखला जैव विविधता का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा, “आदिवासी समाज में जितनी भोजन विविधता और पौष्टिकता मौजूद है, वह शहरों और बाजारों में भी उपलब्ध नहीं। इस विविधता को सहेजना और इसके मूल्य संवर्धन पर कार्य करना समाज का दायित्व है।”
सुंदरपहाड़ी प्रखंड प्रमुख प्रमिला टुडू ने महिलाओं की बड़ी भागीदारी को सराहा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने क्षेत्र में एक नई परंपरा की शुरुआत की है। “400 से अधिक महिलाएँ मेला में शामिल होकर विभिन्न जंगली खाद्य पदार्थों और उनके व्यंजन बनाने की विधियों को सीख सकीं, जो एक महत्वपूर्ण सामाजिक बदलाव है।”
अभिव्यक्ति फाउंडेशन के सचिव कृष्ण कांत ने राइज अप कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए अध्ययनों का उल्लेख करते हुए बताया कि चार दशक पहले आदिवासी समुदाय अपनी दैनिक आवश्यकताओं का 75% से अधिक हिस्सा जंगल और प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त करता था, जो आज घटकर मात्र 25% रह गया है। पहाड़िया समुदाय के साथ किए अध्ययन में 42 प्रकार की साग–सब्जियाँ, 34 प्रकार के फल, 14 कंद–मूल, 5 प्रकार के शहद और 10 प्रकार के मशरूम सहित समृद्ध जैव विविधता सामने आई।
उन्होंने कहा कि “वन विभाग और समुदाय को मिलकर इस जैव विविधता के संरक्षण और खाद्य वन क्षेत्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। वन प्रबंधन का ध्यान केवल जलावन लकड़ी तक सीमित नहीं रहना चाहिए।”
कार्यक्रम में वन विशेषज्ञ हेमंत कुमार, सुंदरपहाड़ी के रेंज अफसर सैमुअल पहाड़िया, गोड्डा की रेंज अफसर सुजाता कुमारी, ग्रामीण विकास केंद्र के रोशन मिश्रा, तथा समुदाय की ओर से बैजनाथ पहाड़िया, बड़ा सिंदरी राम पहाड़िया, डोली पहाड़िन, प्रियंका मालतो ने भी विचार व्यक्त किए।
मेले में अभिव्यक्ति फाउंडेशन, प्रदान, और बदलाव फाउंडेशन सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने खाद्य विविधता प्रदर्शनी के स्टॉल लगाए। पहाड़िया समाज के रीति-रिवाज, वाद्य-यंत्र और सांस्कृतिक धरोहर की भी आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई।
कार्यक्रम का संचालन रूपम रॉय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सुजाता कुमारी ने प्रस्तुत किया।
मेले को सफल बनाने में सुजाता कुमारी, पार्था सरकार, रोबर्ट पहाड़िया, अजित पहाड़िया, प्रियंका, रेबेका और जेम्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

