भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने संयुक्त रूप से दिया धरना
12 सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को सोंपा ज्ञापन

गिरिडीह। मॉब लींचिंग, धार्मिक स्थलों पर हमले सहित संविधान, सामाजिक न्याय, धार्मिक स्वतंत्रता एवं नागरिक समानता की रक्षा सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी चाँद मोहम्मद के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में गिरिडीह जिला समाहरणालय के समक्ष भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।
धरना के माध्यम से सीएए, यूसीसी व वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 जैसे कानून संविधान के मूल ढांचे एवं बहुलतावादी पहचान पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। इन कानूनों को तत्काल वापस लिया जाए। धार्मिक स्वतंत्रता के अनुच्छेद 25, 26, 27, 28, 29 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो। पूजा, प्रबंधन, शिक्षा और संस्कृति के संवैधानिक अधिकारों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप रोका जाए। मॉब लिंचिंग और फर्जी गोकशी कृषि के नाम पर हत्याएं बंद हो।


शक, संदेह और झूठे आरोपों के आधार पर जेल में बंद मुस्लिम युवाओं स्कॉलर व उलेमा-ए-दिन की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिहाई के साथ ही कम्युनल वायलेंस प्रीवेंशन एक्ट तुरंत लागू करने की मांग की। धर्म आधारित अन्याय और अत्याचार रोकने हेतु विशेष कानून बनाकर लागू किया जाए। देश में गैर संवैधानिक तरीके से धार्मिक स्थलों को महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मस्जिदों, दरगाहों, गिरजाघरों, गुरुद्वारों और बौद्ध विहारों को बुलडोजर से ढहाया जा रहा है, इसे तुरंत प्रभाव से रोका जाए और कानून बनाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
धरना प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद मंसूर अंसारी और नगर अध्यक्ष गुलाम शाकीर ने संयुक्त रुप से किया। प्रदर्शन में दिलीप कुमार पटवा, मोहम्मद अनवर, जय नारायण दास, महेंद्र पासवान, अरविंद नागवंशी, महेंद्र रजक, सतीश कुमार, रामदेव रविदास, अफजल हुसैन, मोहम्मद असलम, राजेश कुमार दास, रामचंद्र दास, पोखन दास, रिंकी कुमारी आदि ने मुख्य रूप से भाग लिया।

