भाजपा समर्थित पार्षदों ने डिप्टी मेयर पर लगाया अधिकारों के हनन का आरोप
नवरात्र में भी वार्डों की समस्याएं दूर नहीं होने का किया दावा, पार्षदों ने आंदोलन और न्यायालय जाने की दी चेतावनी डिप्टी मेयर ने बताया आरोपो को बेबूनियाद, कहा जनता की समस्याओं को दूर करने को लेकर वे गंभीर

गिरिडीह। गिरिडीह नगर निगम में वार्डों की मूलभूत समस्याओं और विकास योजनाओं को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। शुक्रवार को भाजपा समर्थित पार्षदों ने प्रेसवार्ता कर डिप्टी मेयर सुमित कुमार पर पार्षदों के अधिकारों का हनन करने और वार्डों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम बोर्ड के गठन के सात महीने बीत जाने और तीन बार बोर्ड की बैठक होने के बावजूद कई वार्डों में सड़क, गली, नाली, पेयजल और साफ-सफाई जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
प्रेसवार्ता को भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री सह वार्ड पार्षद संजीव कुमार, पार्षद दीपक कुमार यादव, युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सह पार्षद प्रतिनिधि मिथुन चंद्रवंशी और भाजयुमो नगर मंडल अध्यक्ष कुंदन सिंह राजपूत ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी नगर निगम की ओर से पार्षदों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं
पार्षदों ने बताया कि बोर्ड की बैठकों में उन्होंने अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने नगर आयुक्त को अपने क्षेत्र का भ्रमण कराकर सड़क, गली, नाली, पानी और साफ-सफाई समेत अन्य समस्याओं से अवगत भी कराया था। आरोप है कि पूजा से पहले समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पार्षदों ने डिप्टी मेयर पर भी इन समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
118 योजनाओं के शिलान्यास के बाद भी काम नहीं होने का आरोप
प्रेसवार्ता के दौरान पार्षदों ने नगर विकास मंत्री की मौजूदगी में बाजे-गाजे के साथ 118 योजनाओं का शिलान्यास किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। उनका दावा है कि विकास कार्यों में देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
’डिप्टी मेयर कर रहे अधिकारों का हनन
पार्षद संजीव कुमार गुड्डू ने आरोप लगाया कि डिप्टी मेयर उनके बजाय पूर्व पार्षद को लाइट सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। जिनके द्वारा मुख्य स्थानों पर लाइट लगाने के बजाय अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि डिप्टी मेयर के द्वारा लगातार उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
गंदे पानी की आपूर्ति से लोग परेशान
इस दौरान भाजयुमो के जिला मंत्री मिथुन चंद्रवंशी ने शहर में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है और जहां पानी मिल भी रहा है, वहां गंदे पानी की शिकायतें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम बोर्ड के गठन के बाद से शहर की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है और लोगों को स्वच्छ पेयजल समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
धरना और न्यायालय जाने की दी चेतावनी
भाजपा समर्थित पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वार्डों की समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए और विकास योजनाओं को जमीन पर उतारा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे नगर निगम परिसर में धरना देंगे। जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

नगर निगम को नही बनने दिया जायेगा राजनीति का आखाड़ा: डिप्टी मेयर
इधर नगर निगम के डिप्टी मेयर सुमित कुमार ने अपने आरोपो को बेबूनियाद बताते हुए कहा कि नगर निगम के द्वारा जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए गंभीर है और एक डिप्टी मेयर होने के नाते वे पार्षदों के माध्यम से आने वाले जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए तत्पर है। कहा कि पार्षद के द्वारा अधिकारों का हनन करने व भेदभाव करने का आरोप लगाया गया वह सरासर गलत है, वे स्वयं भी डिप्टी मेयर के दावेदार थे और यही कारण है कि वे नगर निगम को राजनीति का अखाड़ा बनाने की कोशीश कर रहे है, जिसमे ंवे कभी सफल नही हो सकते है।

