तिसरी के बहरेबांक गांव की जर्जर सड़क नही बनने से ग्रामीणों में आक्रोश
सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार दे चुके है आवेदन विधानसभा चुनाव में ग्रामीण करेंगे वोट बहिष्कार


गिरिडीह। तिसरी प्रखंड के चंदोरी पंचायत के बहरेवाबांक गांव की सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। सड़क में जगह जगह गड्डे होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा स्थानीय विधायक, सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सड़क निर्माण के लिए कई बार आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। जिससे नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने गुरुवार को सड़क पर उतरकर जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस बार चुनाव में वोट बहिष्कार करने की बात कही।
विदित हो कि बहेरवा बांक गांव की आबादी लगभग तेरह सौ है। इस गांव में 770 वोटर है। जिसमे मुस्लिम और दलित, घटवार समुदाय के लोग भी शामिल है। गांव के अंतिम छोर में नदी है। बेहरवा बांक मोड़ से नदी तक करीब आधा किलोमीटर सड़क चलने लायक नही है। कई जगह बड़े बड़े गड्डे हो जाने से लोगों को पैदल चलना तो दुर्भर है ही दो पहिया वाहन चलाने में भी भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों की माने तो उनके गांव में कोई रिश्ता जोड़ना नही चाहता है।
अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष मो0 समसुद्दीन, ग्रामीण मो0 साहेब उर्फ सहाबुद्दीन सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की दुर्दशा बीस वर्ष से काफी भयावह हो गई है। सड़क मरम्मत हेतु स्थानीय विधायक बाबूलाल मरांडी, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, झामुमो नेता सह पूर्व विधायक निजाम उद्दीन अंसारी, बगोदर विधायक बिनोद सिंह, सांसद अन्नपूर्णा देवी के अलावे जिला प्रशासन को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया है। लेकिन सभी की ओर से सिर्फ झूठा आश्वासन ही मिला है। कहा कि इस बार अगर सड़क निर्माण नही हुआ तो पूरा गांव वोट बहिष्कार करेगा।

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